हैदराबाद। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) ने स्वदेशी रक्षा निर्माण के क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देश के प्रथम उत्पादन-स्तरीय तार-निर्देशित भारी टॉरपीडो का सफल निर्माण कर उसे नौसैनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला को विशाखापत्तनम स्थित इकाई में सौंप दिया। यह उपलब्धि 23 अप्रैल 2026 को प्राप्त हुई, जिसमें डॉ. आर. वी. हरा प्रसाद, कमोडोर ए. माधवराव (सेवानिवृत्त), डॉ. अब्राहम वरुघीस सहित बीडीएल, नौसैनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला तथा भारतीय नौसेना के अधिकारी उपस्थित रहे। बीडीएल ने विकास-सह-उत्पादन साझेदार के रूप में नौसैनिक विज्ञान (Naval Science) एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला के साथ समन्वय स्थापित कर भारत के प्रथम स्वदेशी उत्पादन-स्तरीय तार-निर्देशित भारी टॉरपीडो के विकास एवं निर्माण में सफलता प्राप्त की है।
टॉरपीडो नौसैनिक प्रयोगशाला को सुपुर्द, आत्मनिर्भरता को मिली मजबूती
इस टॉरपीडो को अभ्यास तथा युद्ध, दोनों प्रकार की संरचनाओं में विकसित कर प्रयोगशाला को सौंपा गया है। यह उपलब्धि भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल के अंतर्गत उन्नत नौसैनिक आयुध प्रणालियों में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। इस टॉरपीडो में अत्याधुनिक लक्ष्य-साधन एवं प्रणोदन तंत्र के साथ उन्नत खोज, आक्रमण तथा पुनः आक्रमण की क्षमताएँ निहित हैं, जो भारतीय नौसेना की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ करेंगी। यह सफलता रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अंतर्गत नौसैनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला तथा बीडीएल के बीच समन्वित प्रयासों का परिणाम है, जिसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों सहित अनेक औद्योगिक भागीदारों की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने परियोजना से जुड़े वैज्ञानिकों, अभियंताओं तथा उत्पादन दल के समर्पित प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
टॉरपीडो क्या होता है?
यह शब्द दो अलग संदर्भों में उपयोग होता है। एक, नौसेना में टॉरपीडो पानी के भीतर चलने वाला शक्तिशाली हथियार होता है, जिसका उपयोग दुश्मन के जहाज या पनडुब्बी पर हमला करने के लिए किया जाता है। दूसरा, समुद्री जीव विज्ञान में टॉरपीडो एक प्रकार की विद्युत किरण (Electric Ray) मछली को भी कहा जाता है। संदर्भ के अनुसार इसका अर्थ अलग हो सकता है।
टारपीडो कौन सी मछली होती है?
यह एक प्रकार की विद्युत किरण (Electric Ray) मछली होती है, जो समुद्र में पाई जाती है। इसका शरीर चपटा और गोलाकार होता है तथा यह अपने शरीर से बिजली जैसा झटका पैदा कर सकती है। इसका उपयोग यह शिकार पकड़ने और सुरक्षा के लिए करती है। इसे टॉरपीडो रे भी कहा जाता है और यह अधिकतर समुद्र की गहराई वाले क्षेत्रों में मिलती है।
टारपीडो के क्या सामान्य लक्षण हैं?
इस मछली का शरीर चपटा, गोल और मुलायम होता है। इसके दोनों ओर विशेष विद्युत अंग होते हैं, जिनसे यह झटका उत्पन्न कर सकती है। आंखें छोटी होती हैं और यह समुद्र की तलहटी के पास रहना पसंद करती है। यह धीरे चलती है, लेकिन शिकार करते समय बिजली का उपयोग करती है। सुरक्षा और भोजन दोनों के लिए इसकी यह विशेषता सबसे अलग मानी जाती है।
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