हैदराबाद। हैदराबाद के गोलकोंडा ज़ोन (Golconda Zone) पुलिस ने ”जागरूक हैदराबाद – सुरक्षित हैदराबाद” पहल के तहत गोलकोंडा क़िले में साइबर क्राइम जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों, उनकी रोकथाम और शिकायत दर्ज कराने के उपायों के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डीसीपी क्राइम्स वी. अरविंद बाबू, डीसीपी गोलकोंडा जी. चंद्र मोहन, एसीपी टोलिचौकी सय्यद फियाज़, एसएचओ गोलकोंडा पी. सैदुलु और डीआई गोलकोंडा पी. अंजैया के साथ अन्य अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने कहा कि जन जागरूकता और समय पर रिपोर्टिंग साइबर (Cyber) धोखाधड़ी रोकने और वित्तीय नुकसान कम करने में अहम है।
शिकायत दर्ज कराने की सलाह
नागरिकों को राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन के माध्यम से तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में साइबर मित्र) और साइबर सिम्हा जैसी पहलों का परिचय दिया गया, जिनके तहत पुलिसकर्मी और प्रशिक्षित छात्र नागरिकों और स्कूल/कॉलेजों में साइबर सुरक्षा के एम्बेसडर बनते हैं। पुलिस ने जनता को महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा उपाय भी बताए कि ओटीपी, पिन, सीवीवी और पासवर्ड साझा न करें। इसके साथ ही संदिग्ध लिंक और अनचाही कॉल से बचें और केवल आधिकारिक स्रोत से ऐप डाउनलोड करें। कार्यक्रम में हाल ही में शुरू किए गए ऐलाइव एराइव रोड सेफ्टी अभियान की भी जानकारी दी गई।

नशे में ड्राइविंग से बचने और सुरक्षित यात्रा करने की सलाह
युवाओं और छात्रों को ट्रैफिक नियमों का पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट पहनने, नशे में ड्राइविंग से बचने और सुरक्षित यात्रा करने की सलाह दी गई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने साइबर सुरक्षा और रोड सेफ्टी की प्रतिज्ञा ली। पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने, साइबर अपराधों की समय पर रिपोर्टिंग करने और सुरक्षित समाज बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया।
साइबर क्राइम क्या होता है, कितने प्रकार के होते हैं?
इंटरनेट, कंप्यूटर या मोबाइल के माध्यम से किया गया अपराध साइबर क्राइम कहलाता है। इसके प्रमुख प्रकारों में ऑनलाइन ठगी, हैकिंग, पहचान चोरी, सोशल मीडिया अपराध, फिशिंग, साइबर बुलिंग, बैंकिंग फ्रॉड और डेटा चोरी शामिल होते हैं।
1930 पर कॉल करने से क्या होता है?
1930 पर कॉल करने से साइबर अपराध से जुड़ी तत्काल सहायता मिलती है। ऑनलाइन ठगी, बैंक फ्रॉड या डिजिटल धोखाधड़ी की स्थिति में यह नंबर नुकसान रोकने और शिकायत दर्ज करने में मदद करता है।
साइबर क्राइम में शिकायत कैसे करें?
पीड़ित व्यक्ति हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकता है या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत में घटना का विवरण, तारीख, समय, मोबाइल नंबर, बैंक या ट्रांजैक्शन से जुड़ी जानकारी देना आवश्यक होता है।
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