मंत्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की
हैदराबाद। राजस्व, आवास एवं सूचना-जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी (Ponguleti Srinivas Reddy) ने राज्य में आपदा प्रबंधन क्षमता बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ‘स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट’ स्थापित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने संबंधित विभागों से उच्च स्तरीय समिति बनाकर कार्य योजना तैयार करने को कहा। अंतिम निर्णय लेने से पहले इसे राज्य के माननीय मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि यह केंद्र राज्य भर में सभी सरकारी विभागों (Government departments) को एक समान प्रशिक्षण देगा और वैज्ञानिक तरीके से जीवन और आर्थिक नुकसान को न्यूनतम करने में मदद करेगा।
अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
विशेष रूप से जिले स्तर पर आपदाओं का सामना करने की क्षमता बढ़ाना इसका मुख्य उद्देश्य होगा। शुक्रवार को मंत्री ने सचिवालय में आपदा प्रबंधन विभाग, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, हाइड्रा और आईसीसीसी विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर मंत्री ने बताया कि आपदाओं के समय केवल राहत कार्यों तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि पूर्व तैयारी के माध्यम से नुकसान कम करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने और तेलंगाना को देश में आपदा प्रबंधन का आदर्श राज्य बनाने का निर्देश दिया।

आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए खरीदी
उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़, आग जैसी आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए अत्याधुनिक उपकरण, रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली, ड्रोन और हाई-स्पीड बोट्स खरीदी जा रही हैं। बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन के विशेष मुख्य सचिव दानकिशोर, अग्निशमन विभाग के निदेशक विक्रम सिंह, हाइड्रा कमिश्नर रंगनाथ, आईसीसीसी निदेशक कमल हासन रेड्डी, विशेष पुलिस बटालियन के अतिरिक्त डीजी संजय जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
आपदा मित्र की सैलरी कितनी होती है?
नियमित वेतन नहीं दिया जाता, क्योंकि यह कोई स्थायी सरकारी नौकरी नहीं होती। “आपदा मित्र” कार्यक्रम के तहत स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे आपदा के समय लोगों की मदद कर सकें। कई मामलों में उन्हें मानदेय, बीमा कवर या भत्ता मिल सकता है, लेकिन यह राज्य और परियोजना के अनुसार अलग-अलग होता है। मुख्य उद्देश्य सेवा और आपदा राहत में सहयोग करना होता है।
भारत में पहला आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान कौन सा है?
देश में आपदा प्रबंधन के लिए प्रमुख और शुरुआती संस्थानों में National Institute of Disaster Management का नाम लिया जाता है। यह भारत सरकार द्वारा स्थापित एक महत्वपूर्ण संस्थान है, जो आपदा प्रबंधन से जुड़े प्रशिक्षण, शोध और नीति निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। इसके माध्यम से अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
आपदा ट्रेनिंग क्या है?
आपदा ट्रेनिंग वह प्रक्रिया है, जिसमें लोगों को प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़, आग या चक्रवात से बचाव और राहत कार्यों के लिए तैयार किया जाता है। इसमें प्राथमिक उपचार, बचाव तकनीक, सुरक्षित निकासी और संकट के समय सही निर्णय लेने की जानकारी दी जाती है। इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक बनाना और आपदा के दौरान जान-माल के नुकसान को कम करना होता है।
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