Greater Noida : ग्रेटर नोएडा के छपरौला गांव का आतंकी कनेक्शन

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ग्रेटर नोएडा
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 लोकेश-विकास कैसे रच रहे थे साजिश?

ग्रेटर नोएडा के छपरौला गांव का नाम हाल के समय में कथित आतंकी गतिविधियों के संदर्भ में सामने आया है। यह मामला सुरक्षा एजेंसियों की जांच और मीडिया रिपोर्ट्स के कारण चर्चा में आया।

ग्रेटर नोएडा के छपरौला गांव में (UP ATS) ने दो युवकों को आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया है. जांच में पाकिस्तानी हैंडल से संपर्क और चुनाव से पहले अशांति फैलाने की साजिश के संकेत मिले हैं.

बादलपुर क्षेत्र के छपरौला गांव (Chapraula Village) में उस समय हड़कंप मच गया, जब UP ATS ने गांव के रहने वाले लोकेश उर्फ पपला पंडित और उसके दोस्त विकास गहलावत को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई.

लोग हैरान रह गए कि जिस युवक को वे सामान्य जिंदगी जीने वाला समझते थे, वह देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था. गांव के लोग बताते हैं कि लोकेश ज्यादा मिलनसार नहीं था. अक्सर अपने ही काम में व्यस्त रहता था. ज्यादातर उसका समय अपने दोस्त विकास के साथ बीतता था. यह दोनों मजदूरी और वेटर का काम करते थे. दोनों नशे के आदि थे. हालांकि किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह इतने बड़े नेटवर्क से जुड़े सकते हैं।

पाकिस्तानी हैंडल से संपर्क

UP ATS की जांच में यह बात सामने आया कि लोकेश व विकास दोनों पाकिस्तानी हैंडल के संपर्क में थे. उसके निर्देश पर दोनों काम कर रहे थे. जांच एजेंसियों को शक है कि इस नेटवर्क का मकसद देश में अशांति फैलाना था. खासकर विधानसभा चुनाव से पहले माहौल बिगड़ने की साजिश रची जा रही थी. पूछताछ में सामने आया कि लोकेश और उससे जुड़े अन्य लोग भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाकर रेकी करते थे. यह भी जानकारी मिली है कि ये लोग नेताओं की रैलियों और बड़ी जनसभाओं में शामिल होकर भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करते थे, ताकि किसी बड़ी साजिश को अंजाम दिया जा सके।

जेवर एयरपोर्ट की जनसभा में पहुंचा

ग्रेटर नोएडा जांच के दौरान एक अहम जानकारी यह भी सामने आई कि लोकेश हाल ही में जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के दौरान आयोजित बड़ी जनसभा में भी शामिल हुआ था. एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि वह केवल अकेला इस जनसभा में शामिल हुआ था या कोई और भी साथ में मौजूद था. इसके अलावा रेलवे स्टेशन और अन्य संवेदनशील स्थानों पर लोकेश की मौजूदगी की बात सामने आई है. माना जा रहा कि यह सभी गतिविधियां रेकी का हिस्सा थीं, जिसके जरिए नेटवर्क को जरूरी जानकारी मिली थी।

लोकेश कैसे जुड़ा आतंकी नेटवर्क से?

लोकेश और विकास का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है. लोकेश ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं था. छोटे-मोटे काम करके अपना गुजारा कर रहा था. वह ज्यादातर विकास के साथ रहता था, क्योंकि विकास और लोकेश दोनों वेटर और मजदूरी का काम करते थे. स्थानीय लोगों के अनुसार, लोकेश पैसों के लिए किसी भी तरह का काम करने को तैयार रहता था. धीरे-धीरे उसकी यह आदत उसे गलत संगत में ले गई. माना जा रहा कि इसी दौरान वह साकिब उर्फ डेविल और अरबाब के संपर्क में आया, जिन्होंने उसे आतंकी नेटवर्क से जोड़ दिया. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि उसका संपर्क सोशल मीडिया या किसी स्थानीय लिंक के जरिए हुआ या फिर किसी ने उसे सीधे इस नेटवर्क में शामिल किया।

क्या करता थे लोकेश और विकास?

UP ATS की पूछताछ में यह भी सामने आया कि लोकेश और उसके साथ जुड़े लोग सीधे तौर पर किसी वारदात को अंजाम देने के बजाय पहले जानकारी जुटाने का काम करते थे. लोकेश और विकास यह दोनों ग्रेटर नोएडा में रहकर आसपास के इलाकों में नेताओं की रैलियों, भीड़भाड़ वाले इलाकों, आयोजनों और रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थानों पर जाकर रेकी करते थे. वहां की सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस की तैनाती और लोगों की आवाजाही की जानकारी इकट्ठा कर अपने नेटवर्क तक पहुंचाते थे. इस तरह की गतिविधियां किसी बड़ी साजिश की तैयारी का हिस्सा माना जा रही हैं, जिसे समय रहते ATS ने पकड़ लिया।

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कभी सोचा नहीं था बेटा ऐसा करेगा

लोकेश के पिता पूरी तरह टूट चुके हैं. उन्होंने बताया कि कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि बेटा इस तरह के कामों में शामिल हो सकता है. परिवार की हालत भले ही खराब रही हो, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने बच्चों को सही रास्ते पर चलने की सीख दी. कुछ दिन पहले पुलिस घर आई थी और पूछताछ करके चली गई थी, लेकिन उस समय उन्हें मामले की गंभीरता का अंदाजा नहीं था. वहीं विकास की मां सदमे में हैं. गांव के लोगों में डर और हैरानी दोनों का माहौल है. लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने बड़े नेटवर्क से जुड़े दोनों लोग उनके बीच कैसे रह रहे थे. किसी को भी इनकी भनक तक नहीं लगी।

फिलहाल ATS साकिब, अरबाब, लोकेश और विकास इन सबसे लगातार पूछताछ कर रही है. एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, ताकि इसके अन्य सदस्यों और उनके मकसद का पता लगाया जा सके. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे सामने आने की संभावना है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि यह नेटवर्क कितना बड़ा और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे?

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Surekha Bhosle

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Surekha Bhosle

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