Politics : सच की जीत और राजनीतिक प्रतिशोध की पराजय – कविता

Read Time:  1 min
कविता
कविता
FONT SIZE
GET APP

आबकारी नीति मामले में अदालत के फैसले का स्वागत

हैदराबाद। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के कविता ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में अदालत (Court) के फैसले का स्वागत करते हुए इसे सच की जीत और राजनीतिक प्रतिशोध की पराजय बताया। उन्होंने कहा कि अदालत ने स्पष्ट रूप से अभियोजन पक्ष के तर्कों को निराधार माना है, जिससे यह सिद्ध हो गया कि मामला पूरी तरह से झूठा था। इससे पहले कवित्ता ने बीआरके भवन में किसान आयोग के अध्यक्ष कोदंदराम रेड्डी एवं आयोग के सदस्यों से मुलाकात कर गदवाल, निजामाबाद (Nizamabad) और खम्मम जिलों के किसानों की गंभीर समस्याओं पर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “पहले दिन से मैंने कहा था कि यह झूठा मामला है और मैं बेदाग बाहर आऊंगी। आज अदालत के फैसले ने इसे साबित कर दिया।”

आरोपियों को मिली क्लीन चिट का किया स्वागत

उन्होंने भारतीय न्यायपालिका का आभार व्यक्त करते हुए सभी आरोपियों को मिली क्लीन चिट का स्वागत किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े पांच महीनों में उन्हें और उनके परिवार को जो मानसिक पीड़ा, अपमान और उत्पीड़न सहना पड़ा, उसकी भरपाई संभव नहीं है। “मुझे जबरन अपने बच्चों और परिवार से दूर रखा गया। मेरी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई। यह सरासर अन्याय था।,” कविता ने अपने माता-पिता, ससुराल पक्ष, पति और परिवारजनों के साथ-साथ जमीनी कार्यकर्ताओं का आभार जताया, जिन्होंने हर सुनवाई के दौरान उनका मनोबल बढ़ाया।उन्होंने विधानसभा चुनाव में बीआरएस की हार को आबकारी मामले से जोड़ने की कोशिशों की कड़ी निंदा की।

तेलंगाना की जनता की बुद्धिमत्ता का अपमान

उन्होंने कहा कि चुनावी हार के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना तेलंगाना की जनता की बुद्धिमत्ता का अपमान है। कविता ने स्पष्ट कहा कि बीआरएस की पराजय के पीछे नौकरियों, आवास और कल्याणकारी वादों को पूरा न कर पाना, अयोग्य व्यक्तियों को टिकट देना और नेतृत्व में अहंकार जैसी आंतरिक कमियां जिम्मेदार रहीं। “गढ़े हुए मामले को चुनावी हार का कारण बताना जवाबदेही से बचने का प्रयास है।,” उन्होंने केटीआर से राजनीतिक वास्तविकताओं को स्वीकार करने की अपील करते हुए सवाल उठाया कि उनकी गिरफ्तारी के समय वरिष्ठ नेतृत्व की ओर से खुलकर समर्थन क्यों नहीं मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा चलाए गए दुष्प्रचार और चरित्र हनन के खिलाफ पार्टी मंचों पर प्रभावी जवाब नहीं दिया गया।

कानूनी मामलों से उनका हौसला कमजोर नहीं होगा

कविता ने कहा कि कानूनी मामलों से उनका हौसला कमजोर नहीं होगा और वह जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि अदालत के फैसले के तुरंत बाद वह किसानों के अधिकारों के लिए मैदान में उतर गईं। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले महीनों में वह एक नई राजनीतिक पार्टी की शुरुआत करेंगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा जनता के फैसले को विनम्रता से स्वीकार किया है, चाहे वह निजामाबाद में उनकी हार ही क्यों न रही हो। अंत में उन्होंने जनता से अपील की कि वे झूठे प्रचार और राजनीतिक पाखंड को अस्वीकार करें तथा सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के खिलाफ हो रहे लक्षित हमलों का विरोध करें।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।