मी सेवा के जरिए अहम भूमिका
हैदराबाद। आईटी मंत्री डी. श्रीधर बाबू (D. Sridhar Babu) के नागरिक सेवाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। तेलंगाना में मी सेवा संचालित ‘मी टिकट’ प्लेटफॉर्म ने शुक्रवार को तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) को अपने एकीकृत डिजिटल टिकटिंग सिस्टम से जोड़ दिया। इसके साथ ही तेलंगाना सरकारी मोबाइल एप के माध्यम से बस पास जारी करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अब तक इस प्लेटफॉर्म पर दो लाख से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं और 2.9 करोड़ रुपये के लेनदेन दर्ज किए गए हैं। मी टिकट, मी सेवा ई-गवर्नेंस ढांचे के अंतर्गत प्रमुख डिजिटल टिकटिंग पहल है। इसके माध्यम से यात्री सिटी बस पास (Passenger City Bus Pass) और इंटरसिटी टिकट के लिए आवेदन, भुगतान और प्राप्ति पूरी तरह मोबाइल एप से कर सकते हैं। इसके लिए डिपो या काउंटर पर जाने की आवश्यकता नहीं है।
नवीनीकरण के लिए एक घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ता था
टीजीएसआरटीसी द्वारा निर्धारित किराए या पास शुल्क के अतिरिक्त कोई अतिरिक्त बुकिंग शुल्क नहीं लिया जाता। एक 19 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र ने बताया, “पहले हर महीने पास नवीनीकरण के लिए एक घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ता था। अब दो मिनट में मोबाइल से काम हो जाता है।” एक अन्य छात्रा ने कहा कि क्यूआर कोड आधारित डिजिटल पास कागजी पास से अधिक सुरक्षित है। प्रत्येक डिजिटल पास में डायनेमिक क्यूआर कोड, लाइव वैधता संकेतक और स्क्रीनशॉट ब्लॉकिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जिससे पास की नकल या दुरुपयोग रोका जा सके। बस कंडक्टर ऑनबोर्ड तुरंत सत्यापन कर सकते हैं, जिससे जांच प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनती है। ऐप के माध्यम से ही नवीनीकरण की सुविधा उपलब्ध होने से राज्य के 221 डिपो और 190 सेवा केंद्रों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
केंद्रित परिवहन व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम
इलेक्ट्रॉनिक सर्विस डिलीवरी आयुक्त टी. रवि किरण ने कहा कि यह पहल पारदर्शी, सुगम और नागरिक-केंद्रित परिवहन व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम है। फिलहाल पांच प्रकार के पास उपलब्ध हैं — ऑर्डिनरी, मेट्रो डीलक्स, मेट्रो एक्सप्रेस, ग्रीन मेट्रो लग्जरी और पुष्पक एसी। छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए रियायती पास को अगले चरण में शामिल किया जाएगा। टीजीएसआरटीसी का मी टिकट से एकीकरण भी सेवा के विकास में मील का पत्थर माना जा रहा है। दस्तावेज सेवाओं से आगे बढ़कर अब यह सार्वजनिक परिवहन तक पहुंच चुका है, जिससे तेलंगाना डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
Telangana में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार हिंदू धर्म को मानने वालों की आबादी लगभग 85–86 प्रतिशत है। राज्य की कुल जनसंख्या में हिंदू बहुसंख्यक समुदाय है, जबकि मुस्लिम, ईसाई और अन्य धर्मों के लोग भी निवास करते हैं। हैदराबाद जैसे शहरी क्षेत्रों में धार्मिक विविधता अधिक दिखाई देती है, लेकिन पूरे राज्य स्तर पर हिंदुओं की संख्या स्पष्ट रूप से अधिक है।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
इस राज्य को ऐतिहासिक रूप से “त्रिलिंग देश” या “तेलंग देश” के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि यह नाम तीन प्रमुख शिव मंदिरों—कालेश्वरम, श्रीशैलम और द्राक्षारामम—से जुड़ा है। समय के साथ “त्रिलिंग” शब्द से “तेलंगाना” नाम प्रचलित हुआ। निजाम शासन के दौर में यह क्षेत्र हैदराबाद रियासत का हिस्सा था और सांस्कृतिक रूप से दक्कन क्षेत्र की पहचान रखता है।
तेलंगाना में सरकार किसकी है?
वर्तमान में राज्य में Indian National Congress की सरकार है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया था। मुख्यमंत्री के रूप में Revanth Reddy कार्यरत हैं। उनकी सरकार द्वारा कृषि, सामाजिक कल्याण, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य राज्य में विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
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