Telangana : राजा नरसिम्हा ने नीट रद्द होने पर एनटीए की कड़ी आलोचना की

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राजा नरसिम्हा
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हैदराबाद। स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा (Damodar Raja Narasimha) ने नीट परीक्षा रद्द किए जाने पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बताया है। मंगलवार को जारी एक बयान में मंत्री ने कहा कि इस वर्ष तेलंगाना के लगभग 70,000 छात्र और देशभर के 22 लाख से अधिक छात्र नीट परीक्षा में शामिल हुए थे और अब वे अपने परिणामों का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि एजेंसी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और नीट परीक्षा को सही तरीके से संचालित करने में पूरी तरह विफल रही है।

परीक्षा को पारदर्शी ढंग से कराने में बरती लापरवाही

राजा नरसिम्हा ने कहा कि “पिछले अनुभवों से सबक लेने के बावजूद अधिकारियों ने परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी ढंग से कराने में लापरवाही बरती है। एनटीए की गंभीर चूक के कारण 22 लाख छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है और परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्र एवं उनके परिवार भारी मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को इस गंभीर मामले पर तुरंत प्रतिक्रिया देनी चाहिए और इस बड़ी चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव समर्थन प्रदान करेगी।

MBBS के लिए NEET में कितने मार्क्स चाहिए?

सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए अंक अलग-अलग हो सकते हैं। सामान्य वर्ग के छात्रों को सरकारी कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए आमतौर पर काफी ऊंचे अंक लाने पड़ते हैं, जबकि निजी कॉलेजों में अपेक्षाकृत कम अंक पर भी प्रवेश मिल सकता है। कटऑफ हर वर्ष परीक्षा की कठिनाई, सीटों की संख्या और छात्रों के प्रदर्शन के अनुसार बदलती रहती है। आरक्षण श्रेणियों के लिए अलग कटऑफ निर्धारित की जाती है। अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए उच्च रैंक और बेहतर अंक बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

2026 में नीट की परीक्षा कब होगी?

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। सामान्य तौर पर यह परीक्षा हर वर्ष मई महीने के आसपास आयोजित की जाती है। परीक्षा का आयोजन National Testing Agency द्वारा किया जाता है। आवेदन प्रक्रिया परीक्षा से कुछ महीने पहले शुरू होती है। उम्मीदवारों को आधिकारिक सूचना जारी होने के बाद ही अंतिम तारीखों की जानकारी मिलती है। मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए यह परीक्षा देशभर में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

नीट में कितने नंबर आने पर सरकारी कॉलेज मिलता है?

सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए आवश्यक अंक हर वर्ष बदलते रहते हैं। सामान्य वर्ग के छात्रों को अच्छे सरकारी कॉलेज के लिए अक्सर उच्च अंक प्राप्त करने पड़ते हैं। आरक्षण श्रेणियों के लिए कटऑफ अलग हो सकती है। सीटों की संख्या, परीक्षा की कठिनाई और उम्मीदवारों के प्रदर्शन के आधार पर रैंक तय होती है। कुछ राज्यों में राज्य कोटा और ऑल इंडिया कोटा के कारण भी अंक अलग-अलग हो सकते हैं। बेहतर रैंक पाने के लिए अधिकतम अंक हासिल करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

नीट 2026 का कटऑफ कितना है?

अभी तक आधिकारिक कटऑफ जारी नहीं की गई है, क्योंकि परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इसे घोषित किया जाता है। कटऑफ परीक्षा के कठिनाई स्तर, उम्मीदवारों की संख्या और उपलब्ध सीटों के आधार पर तय होती है। अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग न्यूनतम अंक निर्धारित किए जाते हैं। सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की कटऑफ में भी अंतर देखा जाता है। सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक अधिसूचना और परीक्षा प्राधिकरण द्वारा जारी परिणाम का इंतजार करना जरूरी माना जाता है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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