ऊपरी कृष्णा बेसिन के जलाशयों में लगातार वृद्धि
हैदराबाद। केंद्रीय जल आयोग की बुधवार की रिपोर्ट के अनुसार, मानसून की शुरूआती बारिश के बाद ऊपरी कृष्णा बेसिन के जलाशयों में लगातार वृद्धि हो रही है, तथा जुराला और श्रीशैलम में जल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। जुराला जलाशय वर्तमान में 1,043.01 फीट पर है, जो इसके पूर्ण जलाशय स्तर (FRL) 1,045.00 फीट से सिर्फ़ दो फीट नीचे है। इसमें 9.66 टीएमसी की सकल क्षमता के मुकाबले 8.43 टीएमसी पानी है, जिसमें 18,767 क्यूसेक का इनफ्लो और 1,683 क्यूसेक का आउटफ्लो है।
833.90 फीट पर है श्रीशैलम परियोजना का जलस्तर
श्रीशैलम परियोजना का जलस्तर 833.90 फीट (एफआरएल 885.00 फीट) पर है, जिससे इसकी कुल क्षमता 215.81 टीएमसी में से 33.75 टीएमसी पानी संग्रहित हो रहा है। जलाशय में 21,344 क्यूसेक पानी आ रहा है, जबकि 2,219 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। नागार्जुन सागर में 4,000 क्यूसेक से अधिक पानी आ रहा है, जो मुख्य रूप से श्रीशैलम हाइडल इकाइयों में बिजली उत्पादन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पानी से प्राप्त होता है। जुराला के ऊपर स्थित अलमट्टी जलाशय में 1,686.15 फीट (एफआरएल 1,705.00 फीट) पर पानी है और नीचे की ओर 20,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
श्रीराम सागर में 80.50 टीएमसी क्षमता में से 12.79 टीएमसी पानी संग्रहित
गोदावरी बेसिन में, जायकवाड़ी जलाशय में 919 क्यूसेक के बहिर्वाह के साथ 48.59 टीएमसी (क्षमता 102.73 टीएमसी) पानी है, जबकि श्रीराम सागर में 80.50 टीएमसी क्षमता में से 12.79 टीएमसी पानी संग्रहित है। श्रीपदा येल्लमपल्ली का जलस्तर 468.57 फीट (एफआरएल 485.56 फीट) है, जिसमें कुल क्षमता 20.18 टीएमसी में से 8.67 टीएमसी जल मौजूद है, जिसमें 845 क्यूसेक जल का अंतर्वाह और 669 क्यूसेक जल का बहिर्वाह है।