Minimum-Wage : हैदराबाद। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधायक कुनामनेनी संबाशिव राव के नेतृत्व में डॉ. बी. आर. अंबेडकर राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से मुलाकात की और राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के न्यूनतम मजदूरी (Minimum-Wage) में वृद्धि के निर्णय के लिए उनका आभार व्यक्त किया। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने किसानों और धान खरीद से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से पर्याप्त सहयोग न मिलने के बावजूद तेलंगाना सरकार किसानों को संकट से बचाने के लिए खाद्यान्न की खरीद कर रही है।
धान खरीद व किसानों के मुद्दों पर भी हुई चर्चा
उन्होंने बताया कि इस मौसम में राज्य में मक्का का उत्पादन काफी अधिक हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा मक्का की खरीद नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को नुकसान से बचाने के लिए राज्य सरकार वित्तीय हानि उठाकर भी मक्का की खरीद कर रही है। बैठक में सीपीआई एमएलसी सत्यं, पार्टी नेता पाश्या पद्मा, ई. नरसिम्हा, चाडा वेंकट रेड्डी, बागम हेमंत राव, शंकर, बाला नरसिम्हा, वी. एस. बोस तथा राज्यसभा सदस्य वेम नरेंद्र रेड्डी सहित अन्य नेता उपस्थित रहे।
2026 में न्यूनतम मजदूरी कितनी होगी?
भारत की न्यूनतम मजदूरी व्यवस्था कौशल स्तर, क्षेत्र और भौगोलिक वर्गीकरण के अनुसार अलग-अलग है। व्यावहारिक रूप से मासिक वेतन अकुशल कामगारों के लिए लगभग ₹14,000 से लेकर महानगरों में उच्च कुशल कामगारों के लिए ₹28,000 तक है। केंद्रीय क्षेत्र में अकुशल कामगारों के लिए ₹783 प्रतिदिन से लेकर उच्च कुशल के लिए ₹1,035 प्रतिदिन तक मजदूरी निर्धारित है।
1 अप्रैल 2026 से वेतन वृद्धि किसे मिलेगी?
केंद्रीय कैबिनेट ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है, जिससे कुल DA 60% हो गया है। इस वृद्धि से जनवरी से अप्रैल 2026 तक का तीन महीने का एरियर भी कर्मचारियों को मिलेगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में 74 अनुसूचित रोजगारों के लिए भी 1 अप्रैल 2026 से संशोधित न्यूनतम वेतन लागू किया गया है।
उत्तर प्रदेश में अप्रैल 2026 से न्यूनतम वेतन क्या है?
यूपी सरकार ने नई न्यूनतम मजदूरी अधिसूचना जारी की है जिसमें विभिन्न श्रमिक श्रेणियों में 21% तक की महत्वपूर्ण अंतरिम वृद्धि पेश की गई है। अप्रैल 2026 की अधिसूचना के अनुसार अन्य जिलों में अकुशल कामगार का मासिक वेतन ₹11,313, अन्य नगर निगमों में ₹13,690 और प्रमुख महानगरों में ₹13,006 से ₹12,356 के बीच निर्धारित किया गया है।
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