श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधाएं
तिरुमला। गर्मी की छुट्टियों के मद्देनज़र और पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की हैं, ताकि दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। टीटीडी प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इंजीनियरिंग विभाग ने करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न कार्य पूरे किए हैं। तेज गर्मी से राहत देने के लिए बतागंगम्मा सर्किल (Batagangamma Circle) से गोगर्भम डैम सर्किल होते हुए आउटर रिंग रोड तक छायादार शेड लगाए गए हैं। इसके अलावा वैकुंठम क्यू कॉम्प्लेक्स-2, म्यूजियम परिसर और नारायणगिरि गार्डन्स में भी अतिरिक्त शेल्टर बनाए गए हैं।
प्रतीक्षारत श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी शेड की व्यवस्था
क्यू लाइनों में कूलिंग पेंट लगाया गया है तथा प्रतीक्षारत श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी शेड की व्यवस्था की गई है। मंदिर के आसपास, लड्डू काउंटर और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया गया है। चार माडा सड़कों पर सिंथेटिक एनामेल कूल पेंट लगाया गया है, जिससे जमीन की गर्मी कम हो सके। स्वास्थ्य विभाग के तहत श्रद्धालुओं को लगातार पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रीवारी सेवकों की तीन टीमों के माध्यम से प्रतिदिन 45 स्वयंसेवक मोबाइल पानी के ड्रमों से जल वितरण कर रहे हैं। स्वच्छता बनाए रखने के लिए क्यू लाइनों में नियमित रूप से कचरा हटाया जा रहा है।श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सुविधा देने के लिए तिरुमला में 16 चिकित्सा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। आउटर रिंग रोड पर मोबाइल फर्स्ट एड सेंटर और नारायणगिरि गार्डन्स सहित विभिन्न स्थानों पर प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए गए हैं।
एकल व्यक्तियों को कमरे आवंटित नहीं किए जा रहे
लड्डू की बढ़ती मांग को देखते हुए पर्याप्त भंडारण किया गया है। सामान्य दिनों में जहां 3.5 लाख लड्डू उपलब्ध कराए जाते हैं, वहीं गर्मी के सीजन के लिए अतिरिक्त 3.5 लाख लड्डुओं का भंडार रखा गया है। आवास की सीमित उपलब्धता के कारण प्रतिदिन लगभग 60,000 श्रद्धालुओं को ही ठहराया जा सकता है। वर्तमान में करीब 7,500 कमरे और पांच तीर्थयात्री सुविधा कॉम्प्लेक्स उपलब्ध हैं। जिन श्रद्धालुओं को कमरे नहीं मिल पाते, उनके लिए विभिन्न परिसरों में लगभग 9,000 लॉकर की सुविधा दी गई है।
एकल व्यक्तियों को कमरे आवंटित नहीं किए जा रहे हैं, ताकि परिवारों को प्राथमिकता मिल सके। केशदान (मुंडन) के लिए मुख्य कल्याणकट्टा के अलावा 11 मिनी कल्याणकट्टा संचालित किए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके। भीषण गर्मी को देखते हुए टीटीडी प्रशासन ने छाया, ठंडक, स्वच्छता, पेयजल, आवास, मुंडन और लड्डू उपलब्धता जैसी बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और आरामदायक दर्शन का अनुभव मिल सके।
तिरुपति में 300 रुपये के दर्शन करने में कितने घंटे लगेंगे?
आम तौर पर 300 रुपये वाली विशेष प्रवेश दर्शन (शीघ्र दर्शन) में समय भीड़ के अनुसार बदलता है। सामान्य दिनों में 2 से 4 घंटे लग सकते हैं, जबकि त्योहार, सप्ताहांत या छुट्टियों में यह समय 5 से 8 घंटे तक भी पहुंच सकता है। व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के कारण प्रतीक्षा समय कम या ज्यादा हो सकता है, इसलिए पहले से योजना बनाना बेहतर माना जाता है।
टीटीडी का फुल फॉर्म क्या है?
धार्मिक ट्रस्ट का पूरा नाम Tirumala Tirupati Devasthanams है। यह संस्था तिरुपति के प्रसिद्ध मंदिर और उससे जुड़े धार्मिक कार्यों का प्रबंधन करती है। इसके अंतर्गत दर्शन व्यवस्था, मंदिर संचालन, दान प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाएं शामिल होती हैं।
टीटीडी में सबसे ज्यादा सैलरी कितनी है?
इस ट्रस्ट में वेतन पद के अनुसार अलग-अलग होता है। उच्च पदों जैसे प्रशासनिक अधिकारी, इंजीनियर या वरिष्ठ प्रबंधकीय पदों पर मासिक वेतन लगभग 1 लाख रुपये या उससे अधिक हो सकता है। इसके अलावा भत्ते और अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं। निचले पदों पर वेतन कम होता है, जबकि अनुभव और पदोन्नति के साथ आय बढ़ती रहती है।
तिरुपति में टोकन का समय क्या है?
दर्शन टोकन जारी करने का समय अलग-अलग काउंटर और ऑनलाइन व्यवस्था के अनुसार तय होता है। सामान्यतः टोकन सुबह जल्दी जारी होने शुरू हो जाते हैं और दिनभर निर्धारित स्लॉट के अनुसार मिलते हैं। कई बार भीड़ के कारण टोकन जल्दी समाप्त हो जाते हैं, इसलिए ऑनलाइन बुकिंग या सुबह जल्दी पहुंचना अधिक सुविधाजनक रहता है।
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