Hyderabad : जीएचएमसी की खाद्य सुरक्षा टीम का अभियान

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पार्कों और स्कूलों में 81 निरीक्षण

हैदराबाद। ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) के 99-दिवसीय कार्ययोजना के 59वें दिन रविवार को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। यह पहल खास तौर पर उन स्थानों पर केंद्रित रही, जहां बच्चों की आवाजाही अधिक रहती है। खाद्य सुरक्षा विंग के नेतृत्व में स्कूल परिसर, खेल मैदान, जीएचएमसी पार्क, फूड कोर्ट और बेकरी जैसे स्थानों पर कुल 81 निरीक्षण किए गए। निरीक्षण के दौरान खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBO) को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के महत्वपूर्ण मानकों के बारे में जागरूक किया गया।

प्रयोगशाला परीक्षण के लिए एकत्र किए संदिग्ध खाद्य नमूने

इनमें पैकेज्ड कच्चे माल की सही लेबलिंग, खाद्य पदार्थों का उचित भंडारण और संरक्षण, कीट नियंत्रण उपाय तथा संबंधित रिकॉर्ड संधारण शामिल हैं। इसके अलावा, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत संदिग्ध खाद्य नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए एकत्र किए। निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं के आधार पर 14 खाद्य व्यवसाय संचालकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। अधिकारियों ने सभी संचालकों को कड़े निर्देश दिए कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि आगे किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

जीएचएमसी का क्या अर्थ है?

यह एक शहरी स्थानीय निकाय का नाम है, जिसका पूरा रूप Greater Hyderabad Municipal Corporation होता है। यह संस्था हैदराबाद शहर के प्रशासन, सफाई, सड़क, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं का प्रबंधन करती है। शहर के विकास कार्य, भवन अनुमति और संपत्ति कर वसूली जैसे कार्य भी इसी के अंतर्गत आते हैं।

जीएचएमसी संपत्ति कर की गणना कैसे की जाती है?

संपत्ति कर की गणना आमतौर पर संपत्ति के वार्षिक किराया मूल्य या यूनिट एरिया वैल्यू के आधार पर की जाती है। इसमें संपत्ति का आकार, स्थान, उपयोग (आवासीय या व्यावसायिक) और निर्माण प्रकार जैसे कारक शामिल होते हैं। निर्धारित दर से टैक्स तय किया जाता है और उस पर कुछ प्रतिशत छूट या अतिरिक्त शुल्क भी लागू हो सकते हैं। यह गणना स्थानीय नगर निगम के नियमों के अनुसार की जाती है।

खून के रिश्ते में रजिस्ट्री कैसे होती है?

परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति हस्तांतरण के लिए गिफ्ट डीड या रजिस्ट्री करवाई जाती है। इसमें दाता और प्राप्तकर्ता की सहमति जरूरी होती है। संबंधित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में दस्तावेज जमा कर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क का भुगतान किया जाता है। कई राज्यों में खून के रिश्ते में शुल्क कम होता है। पूरी प्रक्रिया कानूनी दस्तावेजों और पहचान प्रमाण के साथ पूरी की जाती है।

ग्राम पंचायत की जमीन पर किसका अधिकार होता है?

गांव की सार्वजनिक जमीन पर अधिकार ग्राम पंचायत का होता है, जो स्थानीय प्रशासन के तहत काम करती है। यह जमीन सामुदायिक उपयोग जैसे सड़क, तालाब, स्कूल या अन्य सार्वजनिक कार्यों के लिए होती है। किसी व्यक्ति का निजी स्वामित्व नहीं होता, जब तक कि सरकार द्वारा कानूनी रूप से आवंटन न किया जाए। पंचायत इस जमीन की देखरेख और उपयोग का निर्णय नियमों के अनुसार करती है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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