Hyderabad : फीस प्रतिपूर्ति योजना बंद हुई तो सीएम को चैन से नहीं बैठने देंगे- आर. कृष्णैया

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आर. कृष्णैया
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हैदराबाद। राज्यसभा सदस्य एवं नेशनल बीसी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आर. कृष्णैया (R. Krishnaiah) ने चेतावनी दी है कि यदि फीस प्रतिपूर्ति योजना को बिना किसी बदलाव के जारी नहीं रखा गया तो वे मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को चैन से नहीं बैठने देंगे। रविवार को बशीरबाग में विभिन्न बीसी छात्र, युवा एवं कल्याण संगठनों के तत्वावधान में आयोजित बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए कृष्णैया ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस योजना को खत्म करने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में आंदोलन को गांव-गांव (Village after village) तक ले जाया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि जून में 5 लाख छात्रों के साथ मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा और राज्य मंत्रियों व विधायकों की आवाजाही भी रोकी जाएगी।

पांच दिन का आमरण अनशन कर फीस प्रतिपूर्ति योजना कराई थी लागू

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के कार्यकाल में उन्होंने पांच दिन का आमरण अनशन कर फीस प्रतिपूर्ति योजना लागू कराई थी। बाद में के. रोसैया और एन. किरण कुमार रेड्डी ने इसे खत्म करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। उन्होंने कहा कि केसीआर ने भी इस योजना को जारी रखा, लेकिन मौजूदा मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी इसे समाप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। कृष्णैया ने आरोप लगाया कि सरकार गरीब छात्रों की फीस का भुगतान नहीं कर रही, जबकि ठेकेदारों को हजारों करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त होनी चाहिए तथा लंबित फीस प्रतिपूर्ति राशि तुरंत जारी की जाए और जी.ओ. नंबर 7 को रद्द किया जाए। उन्होंने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिकायत करने की भी चेतावनी दी।

बीसी जाति क्या है?

सामाजिक वर्गीकरण में “बीसी” का अर्थ पिछड़ा वर्ग होता है, जिसे Other Backward Classes (OBC) के रूप में जाना जाता है। इसमें वे जातियां शामिल होती हैं जो सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ी मानी गई हैं। सरकार इन्हें आरक्षण, छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं के माध्यम से सहायता देती है ताकि इनका विकास हो सके और समाज में बराबरी का अवसर मिल सके।

समाज कल्याण विभाग में क्या काम होता है?

सरकारी स्तर पर यह विभाग समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए काम करता है। इसमें अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग और गरीब लोगों के लिए योजनाएं चलाई जाती हैं। विभाग छात्रवृत्ति, पेंशन, आवास, शिक्षा और आर्थिक सहायता जैसी सेवाएं प्रदान करता है। इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक समानता और जीवन स्तर में सुधार लाना होता है।

बीसी कल्याण के लिए कौन पात्र है?

पात्रता के लिए व्यक्ति का पिछड़ा वर्ग यानी Other Backward Classes (OBC) में आना जरूरी होता है। इसके साथ ही आय सीमा, निवास प्रमाण और जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज भी आवश्यक होते हैं। अलग-अलग योजनाओं के अनुसार पात्रता में थोड़ा अंतर हो सकता है। आमतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोग इन योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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