हैदराबाद। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), तेलंगाना द्वारा हैदराबाद स्थित सीआईआई ग्रीन बिज़नेस सेंटर में सस्टेनेबल फार्मा मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन केमिस्ट्री विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में फार्मा और रसायन उद्योग से जुड़े प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया और दक्षता, सुरक्षा, नियामक अनुपालन तथा पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी (Environmental responsibility) पर विशेष चर्चा की। कार्यक्रम में स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ विनिर्माण के लिए उद्योग की प्रतिबद्धता को दोहराया गया। मुख्य अतिथि डॉ. सर्वेश सिंह, निदेशक एवं सीईओ, तेलंगाना लाइफ साइंसेज़, ने कहा कि ग्रीन केमिस्ट्री केवल स्वच्छ आपूर्ति श्रृंखला और संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लागत प्रभावी, सुरक्षित प्रक्रियाओं और तेज़ नियामक स्वीकृतियों से भी जुड़ी है।
मूल्य आधारित और टिकाऊ नेतृत्व की ओर बढ़ना होगा
उन्होंने कहा कि भारत को मात्रा आधारित नेतृत्व से मूल्य आधारित और टिकाऊ नेतृत्व की ओर बढ़ना होगा। बल्क ड्रग्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं रक्षित समूह के चेयरमैन डॉ. चा. रमेश्वर राव ने कहा कि तेलंगाना बल्क ड्रग्स निर्माण का प्रमुख केंद्र है, जहां 250 से अधिक एमएसएमई कंपनियां कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि उच्च प्रारंभिक लागत के कारण एमएसएमई ग्रीन केमिस्ट्री अपनाने में पीछे हैं और इसके लिए साझा बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है। सीडीएससीओ के डिप्टी ड्रग्स कंट्रोलर डॉ. नरेंद्रन ने कहा कि ग्रीन सिंथेसिस पर्यावरण और स्वास्थ्य पर प्रभाव को कम करता है और खतरनाक रसायनों तथा सॉल्वेंट्स के उपयोग को घटाता है।
भारत आज 190–200 देशों को दवाइयों का निर्यात कर रहा
फार्मास्यूटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के महानिदेशक राजा भानु ने बताया कि भारत आज 190–200 देशों को दवाइयों का निर्यात कर रहा है और फार्मा निर्यात 30.4 अरब डालर को पार कर चुका है। डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेट्रीज़ के सीईओ (एपीआई एवं सर्विसेज़) दीपक सप्रा ने कहा कि स्थिरता न केवल नियामक अनुपालन तक सीमित है, बल्कि यह लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। सीआईआई तेलंगाना फार्मा एवं लाइफ साइंसेज़ पैनल के सलाहकार डॉ. आनंद कुमार ने कहा कि वैज्ञानिक और औद्योगिक नवाचार को पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
भारतीय उद्योग परिसंघ के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं?
2025‑26 के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के अध्यक्ष राजीव मेमानी हैं। वे ईवाई इंडिया (EY India) के चेयरमैन और सीईओ भी हैं। उन्होंने जून 2025 में CII का अध्यक्ष पद संभाला। उनके नेतृत्व में CII उद्योग और सरकार के बीच सहयोग बढ़ाने, नीतियों पर सलाह देने और भारत के औद्योगिक विकास को सशक्त बनाने का काम करता है। संगठन में अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उद्योग की नीतियों और कार्यक्रमों को लागू करने में सक्रिय हैं।
भारतीय उद्योग परिसंघ क्या है?
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) एक गैर-सरकारी और गैर-लाभकारी संगठन है, जो भारतीय उद्योग के विकास और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देता है। यह उद्योग, सरकार और नागरिक समाज के बीच सहयोग और नीति सुधार के लिए काम करता है। CII अपने सदस्यों के लिए नेटवर्किंग, नीतिगत सुझाव, नवाचार और वैश्विक व्यापार अवसरों की सुविधा प्रदान करता है। यह संगठन विभिन्न उद्योग क्षेत्रों में विकास और आर्थिक वृद्धि के लिए पहल करता है।
2025‑26 के लिए CII क्या है?
वित्त वर्ष 2025‑26 में CII भारत के उद्योगों का प्रतिनिधि संगठन है, जो नीति निर्माताओं के साथ मिलकर आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करता है। इस दौरान यह उद्योगों की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाने, व्यापार और निवेश के अनुकूल माहौल बनाने और नवाचार तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने का काम करता है। CII इस समय कई विकास-उन्मुख कार्यक्रम और पहल भी आयोजित कर रहा है।
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