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Hyderabad : जर्मन भाषा में दक्षता से खुलेंगे वैश्विक अवसर – डॉ. विवेक

Author Icon By Ajay Kumar Shukla
Updated: May 13, 2026 • 3:50 PM
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हैदराबाद। श्रम, रोज़गार और खान मंत्री डॉ. विवेक वेंकटस्वामी (Dr. Vivek Venkataswamy) ने ट्रिपल विन प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रही नर्सों से वैश्विक करियर के लिए स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जर्मन भाषा और प्रभावी संवाद कौशल में महारत हासिल कर तेलंगाना के युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। मंगलवार को हैदराबाद स्थित टूरिज्म प्लाजा में टॉमकॉम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने प्रशिक्षु नर्सों (Trainee nurses) से संवाद किया। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि जर्मनी में काम करना एक बड़ा अवसर होने के साथ-साथ चुनौती भी है, क्योंकि वहां नई भाषा, नए वातावरण और कार्य संस्कृति के अनुरूप स्वयं को ढालना पड़ता है। उन्होंने कहा कि समर्पण और कड़ी मेहनत से सफलता अवश्य प्राप्त की जा सकती है।

मंत्री ने प्रशिक्षु नर्सों से संवाद किया

उन्होंने कहा, “नर्स मरीजों में आत्मविश्वास और आशा जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। नर्सों द्वारा दिए गए भरोसे से आधी बीमारी दूर हो जाती है।” मंत्री ने नर्सिंग समुदाय की सेवाओं की सराहना की। विवेक वेंकटस्वामी ने कहा कि टॉमकॉम युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के रोजगार अवसर उपलब्ध करा रहा है और यह केवल शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान बैच जर्मनी में अच्छा प्रदर्शन करता है तो भविष्य में तेलंगाना के युवाओं के लिए और अधिक अवसर खुलेंगे। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मंत्री ने नर्सिंग पेशे को सबसे महान सेवाओं में से एक बताया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को विशेष रूप से जर्मन भाषा सीखने पर ध्यान देने की सलाह दी और कहा कि सही स्वास्थ्य सेवा और डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवाओं के उचित उपयोग के लिए प्रभावी संवाद अत्यंत आवश्यक है।

विदेशी भाषाएं सीखना अब पहले की तुलना में काफी आसान

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के कारण विदेशी भाषाएं सीखना अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। अपने व्यावसायिक जीवन का अनुभव साझा करते हुए मंत्री ने कहा, “मैंने केवल पांच लाख रुपये से अपना व्यवसाय शुरू किया था। जब मैं बैंक ऋण लेने चेन्नई गया तो भाषा नहीं जानने के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उसी अनुभव ने मुझे संवाद कौशल और भाषा दक्षता का महत्व समझाया।” उन्होंने तमिल अभिनेता विजय का उदाहरण देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक, सोशल मीडिया और बेहतर संवाद कौशल लोगों को बड़ी सफलता दिला सकते हैं। उन्होंने नर्सों को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा अपने कौशल विकास के लिए देने और जर्मन भाषा में किताबें पढ़ने योग्य बनने का लक्ष्य रखने की सलाह दी।

बजट में आवंटित की विशेष धनराशि

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने टॉमकॉम की पहलों के लिए बजट में विशेष धनराशि आवंटित की है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य में अधिक नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने और नर्सिंग सीटों की संख्या बढ़ाने के मुद्दे पर वह मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से चर्चा करेंगे। कार्यक्रम में श्रम, रोजगार एवं प्रशिक्षण आयुक्त हरिचंदना ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार हिंदी सीखने में काफी संघर्ष किया था। उन्होंने बताया कि उनके पिता ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत थे और उन्होंने धीरे-धीरे हिंदी फिल्में देखकर भाषा सीखी।

उन्होंने कहा, “आपको भी नई भाषा सीखने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। राज्य सरकार, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और मंत्री विवेक वेंकटस्वामी युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार अवसर उपलब्ध कराने के लिए विशेष पहल कर रहे हैं।” हरिचंदना ने प्रशिक्षुओं को नियमित रूप से अपने मित्रों के साथ जर्मन भाषा में बातचीत करने और खाली समय में अभ्यास करने की सलाह दी। टॉमकॉम निदेशक कांति वेस्ली ने बताया कि टॉमकॉम ने जर्मनी की फेडरल एम्प्लॉयमेंट एजेंसी के साथ समझौता किया है। अब तक 46 नर्सों ने जर्मन भाषा प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, जिनमें से 15 को ऑफर लेटर मिल चुके हैं, जबकि सात नर्सें पहले से जर्मनी में कार्यरत हैं।

जर्मन में हेलो कैसे बोलते हैं?

भाषा में सामान्य अभिवादन के लिए “Hallo” शब्द बोला जाता है। यह अंग्रेजी के “Hello” की तरह ही उपयोग किया जाता है। औपचारिक परिस्थितियों में लोग “Guten Tag” भी कहते हैं, जिसका अर्थ “नमस्कार” होता है। दोस्तों और परिवार के बीच अनौपचारिक बातचीत में “Hallo” सबसे अधिक प्रचलित माना जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों में अभिवादन के स्थानीय तरीके भी देखने को मिलते हैं। जर्मन भाषा सीखने वाले लोग सबसे पहले इसी शब्द का उपयोग करना सीखते हैं।

जर्मन भाषा कैसे लिखी जाती है?

यह भाषा लैटिन लिपि में लिखी जाती है, जिसका उपयोग अंग्रेजी समेत कई यूरोपीय भाषाओं में भी होता है। इसमें 26 सामान्य अक्षरों के अलावा कुछ विशेष अक्षर जैसे ä, ö, ü और ß भी शामिल होते हैं। व्याकरण और उच्चारण के नियम इसे अलग पहचान देते हैं। वाक्य निर्माण में संज्ञाओं का पहला अक्षर बड़ा लिखना इसकी खास विशेषता मानी जाती है। साहित्य, विज्ञान और दर्शन के क्षेत्र में इस भाषा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और दुनिया के कई देशों में इसे पढ़ाया जाता है।

जर्मनी में कौन सी भाषा बोली जाती है?

Germany में मुख्य रूप से जर्मन भाषा बोली जाती है। यह वहां की आधिकारिक भाषा है और प्रशासन, शिक्षा, मीडिया तथा दैनिक जीवन में व्यापक रूप से उपयोग की जाती है। अलग-अलग क्षेत्रों में जर्मन भाषा की कई बोलियां भी प्रचलित हैं। इसके अलावा अंग्रेजी भाषा भी काफी लोग समझते और बोलते हैं, खासकर बड़े शहरों और पर्यटन क्षेत्रों में। जर्मन भाषा यूरोप की प्रमुख भाषाओं में गिनी जाती है और कई देशों में इसे विदेशी भाषा के रूप में सिखाया जाता है।

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