Telangana : इंदिराम्मा हाउसिंग योजना का दूसरा चरण दो जून से – पोंगुलेटी

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पोंगुलेटी
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हैदराबाद। राजस्व, आवास, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी (Ponguleti Srinivas Reddy) ने घोषणा की है कि इंदिराम्मा हाउसिंग योजना का दूसरा चरण 2 जून को तेलंगाना राज्य के गठन दिवस के अवसर पर आदिलाबाद में आधिकारिक रूप से शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम से संबंधित सभी रूपरेखा और कार्यप्रणाली को 21 मई को होने वाली कैबिनेट बैठक में चर्चा कर अंतिम रूप दिया जाएगा। राजस्व और आवास मामलों को लेकर जनप्रतिनिधियों के साथ जिलेवार समीक्षा बैठकों के तहत मंगलवार को मंत्री ने हैदराबाद स्थित हाउसिंग कॉरपोरेशन मुख्यालय (Housing Corporation Headquarters) में संयुक्त समीक्षा बैठक की। इसमें प्रभारी मंत्री, जिला मंत्री, सांसद, एमएलसी, विधायक, जिला कलेक्टर, साइबराबाद एवं मलकाजगिरी नगर निगम के आयुक्त तथा राजस्व, आवास और वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे, जो पूर्व रंगारेड्डी और हैदराबाद जिलों से संबंधित थे।

राजस्व और आवास मामलों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित

इस अवसर पर पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (CM Revanth Reddy) के नेतृत्व में जन सरकार राज्य के गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ प्रतिष्ठित इंदिराम्मा हाउसिंग योजना को लागू कर रही है, ताकि हर गरीब का अपने घर का सपना पूरा हो सके। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार, रंगारेड्डी जिला प्रभारी मंत्री दुद्दिला श्रीधर बाबू, हैदराबाद प्रभारी मंत्री पोनम प्रभाकर, मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन, विधान परिषद के मुख्य सचेतक पी. महेंद्र रेड्डी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि पिछली सरकार (The previous government) की दूरदर्शिता के अभाव के कारण डबल बेडरूम मकान शहर से काफी दूर बनाए गए थे, जिसके कारण उत्पन्न समस्याएं आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसी गलतियों की पुनरावृत्ति से बचने के लिए गरीबों के वर्तमान निवास स्थान से 5 से 8 किलोमीटर के दायरे में, निर्वाचन क्षेत्रों को इकाई मानकर भूमि की पहचान कर इंदिराम्मा मकानों के निर्माण के प्रस्ताव तैयार किए जाएं।

मंत्री ने अधिकारियों को दिया निर्देश

उन्होंने कहा कि फील्ड स्तर के अध्ययन में यह सामने आया है कि जिन लाभार्थियों को हैदराबाद शहर से 20 से 30 किलोमीटर दूर बने 2बीएचके मकान आवंटित किए गए थे, वे अपनी आजीविका प्रभावित होने के कारण वहां रहने को तैयार नहीं हैं। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी भूमि, झुग्गी-झोपड़ियां, भूदान भूमि तथा पूर्व योजनाओं के तहत जर्जर हो चुके मकानों वाले क्षेत्रों की पहचान कर उसी विधानसभा क्षेत्र में इंदिराम्मा मकानों के निर्माण के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इस प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों को भागीदार बनाया जाए। पोंगुलेटी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि 2बीएचके मकानों के आवंटन के लिए विशेष अभियान युद्धस्तर पर चलाया जाए।

निर्माणाधीन मकानों के लाभार्थियों की कर ली जाए पहचान

उन्होंने कहा कि इस माह के अंत तक पूर्ण हो चुके तथा निर्माणाधीन मकानों के लाभार्थियों की पहचान कर ली जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि केवल उन्हीं लाभार्थियों का चयन किया जाए जो 5 से 8 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो मकान पहले से पूर्ण हो चुके हैं, उनमें लाभार्थियों को शीघ्रता से बसाया जाए तथा इन कॉलोनियों में पेयजल, जल निकासी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति तेज की जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि हैदराबाद सीमा के भीतर जिन पात्र लाभार्थियों के पास भूखंड हैं, उन्हें इस माह के अंत तक इंदिराम्मा आवास स्वीकृति पत्र वितरित किए जाएं।

इंदिराम्मा हाउस स्कीम क्या है?

यह तेलंगाना सरकार की आवास संबंधी योजना मानी जाती है, जिसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता देकर मकान निर्माण में मदद की जाती है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को इसका लाभ देने की व्यवस्था की गई है। कमजोर वर्गों और बेघर परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना इसका मुख्य उद्देश्य माना जाता है। आवेदन प्रक्रिया और पात्रता से जुड़ी जानकारी राज्य सरकार समय-समय पर जारी करती रहती है।

इंदिराम्मा महिला योजना के लिए कौन पात्र है?

गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाएं इस योजना के लिए पात्र मानी जाती हैं। आमतौर पर परिवार की आय, निवास प्रमाण और सरकारी नियमों के आधार पर पात्रता तय की जाती है। कुछ योजनाओं में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी प्राथमिकता दी जाती है। लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होती है। राज्य सरकार समय-समय पर पात्रता नियमों में बदलाव भी कर सकती है। महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से ऐसी योजनाएं चलाई जाती हैं।

इंदिरा आवास में कितना पैसा मिलता है घर बनाने के लिए?

ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। राशि समय-समय पर केंद्र और राज्य सरकार की नीति के अनुसार बदल सकती है। सामान्य तौर पर लाभार्थियों को किस्तों में धनराशि प्रदान की जाती है ताकि घर निर्माण कार्य पूरा किया जा सके। पहाड़ी और सामान्य क्षेत्रों के लिए सहायता राशि अलग हो सकती है। योजना का उद्देश्य कमजोर वर्गों को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराना माना जाता है। सटीक राशि संबंधित राज्य और वर्तमान सरकारी नियमों पर निर्भर करती है।

प्रधानमंत्री आवास योजना कब तक मिलेगी 2026 में?

केंद्र सरकार द्वारा इस योजना की अवधि को कई बार बढ़ाया गया है ताकि अधिक लोगों को लाभ मिल सके। वर्तमान में सरकार का लक्ष्य पात्र गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को आवास सुविधा उपलब्ध कराना है। आवेदन और लाभ वितरण की प्रक्रिया राज्य सरकारों तथा स्थानीय निकायों के माध्यम से चलती है। योजना की अंतिम अवधि और नए आवेदन की जानकारी समय-समय पर आधिकारिक घोषणाओं के जरिए जारी की जाती है। पात्रता पूरी करने वाले लोग सरकारी पोर्टल या संबंधित कार्यालयों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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