CPI : सीपीआई ने नीट संकट पर सरकार को घेरा, छात्रों को मुआवजे की मांग

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हैदराबाद। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने नीट परीक्षा के संचालन पर कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि बार-बार प्रश्नपत्र लीक के आरोपों ने देश की शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। मंगलवार को जारी बयान में डॉ. के. नारायण ने कहा कि इस परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों के कारण लगभग 22 लाख छात्रों और उनके अभिभावकों का भरोसा गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में केवल लगभग 1.3 लाख मेडिकल सीटें उपलब्ध हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा (Competition) अत्यधिक तनावपूर्ण और असमान हो जाती है।

सीपीआई नेता ने आरोप लगाया कि लगातार सरकारों ने निजी कॉर्पोरेट शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा दिया है, जिससे शिक्षा का व्यवसायीकरण हुआ है और छात्रों पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने इस स्थिति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की असफलता बताते हुए “शर्मनाक” करार दिया।डॉ. नारायण ने केंद्र सरकार को इस संकट के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए सभी नीट अभ्यर्थियों को मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कॉर्पोरेट शैक्षणिक संस्थानों पर सख्त नियंत्रण लगाने, पारदर्शी और छात्र-हितैषी सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा कथित पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी की।

MBBS के लिए NEET में कितने मार्क्स चाहिए?

सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए अंक अलग-अलग हो सकते हैं। सामान्य वर्ग के छात्रों को सरकारी कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए आमतौर पर काफी ऊंचे अंक लाने पड़ते हैं, जबकि निजी कॉलेजों में अपेक्षाकृत कम अंक पर भी प्रवेश मिल सकता है। कटऑफ हर वर्ष परीक्षा की कठिनाई, सीटों की संख्या और छात्रों के प्रदर्शन के अनुसार बदलती रहती है। आरक्षण श्रेणियों के लिए अलग कटऑफ निर्धारित की जाती है। अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए उच्च रैंक और बेहतर अंक बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

2026 में नीट की परीक्षा कब होगी?

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। सामान्य तौर पर यह परीक्षा हर वर्ष मई महीने के आसपास आयोजित की जाती है। परीक्षा का आयोजन National Testing Agency द्वारा किया जाता है। आवेदन प्रक्रिया परीक्षा से कुछ महीने पहले शुरू होती है। उम्मीदवारों को आधिकारिक सूचना जारी होने के बाद ही अंतिम तारीखों की जानकारी मिलती है। मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए यह परीक्षा देशभर में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

नीट में कितने नंबर आने पर सरकारी कॉलेज मिलता है?

सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए आवश्यक अंक हर वर्ष बदलते रहते हैं। सामान्य वर्ग के छात्रों को अच्छे सरकारी कॉलेज के लिए अक्सर उच्च अंक प्राप्त करने पड़ते हैं। आरक्षण श्रेणियों के लिए कटऑफ अलग हो सकती है। सीटों की संख्या, परीक्षा की कठिनाई और उम्मीदवारों के प्रदर्शन के आधार पर रैंक तय होती है। कुछ राज्यों में राज्य कोटा और ऑल इंडिया कोटा के कारण भी अंक अलग-अलग हो सकते हैं। बेहतर रैंक पाने के लिए अधिकतम अंक हासिल करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

नीट 2026 का कटऑफ कितना है?

अभी तक आधिकारिक कटऑफ जारी नहीं की गई है, क्योंकि परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इसे घोषित किया जाता है। कटऑफ परीक्षा के कठिनाई स्तर, उम्मीदवारों की संख्या और उपलब्ध सीटों के आधार पर तय होती है। अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग न्यूनतम अंक निर्धारित किए जाते हैं। सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की कटऑफ में भी अंतर देखा जाता है। सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक अधिसूचना और परीक्षा प्राधिकरण द्वारा जारी परिणाम का इंतजार करना जरूरी माना जाता है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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