जस्टिस पी.सी. घोष आयोग की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई से रोक
हैदराबाद। तेलंगाना उच्च न्यायालय ने बुधवार को भारत राष्ट्र समिति (BRS) के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव तथा पूर्व मंत्री टी. हरीश राव को राहत प्रदान करते हुए सरकार को जस्टिस पी.सी. घोष आयोग की रिपोर्ट के आधार पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने से रोक दिया। यह आयोग कालेश्वरम परियोजना से संबंधित कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित किया गया था। मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति जी.एम. मोहिउद्दीन की खंडपीठ ने अपने निर्णय में कहा कि आयोग ने अपनी जांच के दौरान निर्धारित प्रक्रियाओं और मानकों का समुचित पालन नहीं किया। इसी आधार पर अदालत ने आयोग के निष्कर्षों पर कोई कार्रवाई (Action) न करने का निर्देश दिया।
आयोग के गठन और उसकी कार्यप्रणाली को दी गई थी चुनौती
खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा 14 मार्च 2024 को जारी जी.ओ. संख्या-6 के माध्यम से आयोग का गठन विधिसम्मत था। यह निर्णय के. चंद्रशेखर राव, टी. हरीश राव, आईएएस अधिकारी स्मिता सभरवाल तथा पूर्व मुख्य सचिव एस.के. जोशी द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिया गया। याचिकाओं में आयोग के गठन और उसकी कार्यप्रणाली को चुनौती दी गई थी। उल्लेखनीय है कि इस आयोग का गठन कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई योजना के अंतर्गत मेदिगड्डा, अन्नाराम और सुंदिल्ला बैराज के निर्माण एवं रखरखाव में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए किया गया था।
आयोग ने की प्रक्रियागत सुरक्षा उपायों की अनदेखी
याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि आयोग ने प्रक्रियागत सुरक्षा उपायों की अनदेखी की तथा उनके पक्ष को पर्याप्त रूप से सुने बिना प्रतिकूल टिप्पणियां कीं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, राज्य सरकार ने आयोग का पक्ष रखते हुए कहा कि इसका गठन जनहित में किया गया था और इसमें नोटिस जारी करने तथा सुनवाई जैसी सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया गया। विस्तृत सुनवाई के उपरांत उच्च न्यायालय ने अपना अंतिम निर्णय सुनाते हुए आयोग की रिपोर्ट के प्रभाव को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
मेदिगड्डा बैराज किस जिले में है?
मेदिगड्डा बैराज जयशंकर भूपालपल्ली जिला में स्थित है। यह तेलंगाना की प्रमुख सिंचाई परियोजना का हिस्सा है और गोदावरी नदी पर बनाया गया है। इस बैराज का मुख्य उद्देश्य पानी को संग्रहित कर विभिन्न नहरों और पंपिंग स्टेशनों के माध्यम से कृषि क्षेत्रों तक पहुंचाना है, जिससे सिंचाई सुविधाओं में सुधार हो सके।
विश्व की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना कौन सी है?
दुनिया की सबसे बड़ी बहु-स्तरीय लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं में कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को प्रमुख स्थान दिया जाता है। यह परियोजना तेलंगाना में स्थित है और गोदावरी नदी के पानी को ऊंचाई पर स्थित क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए बनाई गई है। इसकी विशाल संरचना और पंपिंग क्षमता इसे विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण बनाती है।
कालेश्वरम लिफ्ट परियोजना क्या है?
कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना एक विशाल सिंचाई योजना है, जिसका उद्देश्य गोदावरी नदी के जल को लिफ्ट तकनीक के माध्यम से ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक पहुंचाना है। इस परियोजना में कई बैराज, पंप हाउस और नहरों का निर्माण किया गया है। इसका लक्ष्य लाखों एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा देना, पेयजल उपलब्ध कराना और औद्योगिक उपयोग के लिए पानी सुनिश्चित करना है।
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