सीएम ने मास्टर प्लान पर अधिकारियों को कई निर्देश और सुझाव दिए
हैदराबाद। बासर से भद्राचलम तक गोदावरी नदी (Godavari River) के प्रवाह मार्ग पर स्थित प्रमुख मंदिरों और पुष्कर घाटों के विकास योजनाओं पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जून 2027 तक गोदावरी पुष्करालों से पहले पूर्ण किए जाने वाले कार्यों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने पुष्करालू के आयोजन के लिए तैयार की गई योजनाओं को पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई सुझाव दिए और टेक्निकल इंजीनियर्स की समिति गठित करने के निर्देश दिए, जो क्षेत्र स्तर पर जाकर पुष्करालों के आयोजन के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करे। इस समिति को 15–20 दिनों के भीतर रिपोर्ट अधिकारियों की समिति को सौंपनी है। इसके बाद अधिकारियों की समिति इस रिपोर्ट का मूल्यांकन कर कैबिनेट सब-कमेटी को सटीक अनुमान के साथ भेजेगी। कैबिनेट (Cabinet) सब-कमेटी की मंजूरी के बाद इस योजना पर अंतिम निर्णय कैबिनेट द्वारा लिया जाएगा।
अस्थायी कार्यों को प्राथमिकता के क्रम में किया जाए पूरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं में स्थायी और अस्थायी कार्यों को प्राथमिकता के क्रम में पूरा किया जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी से बचने के लिए पब्लिक भवन में विशेष वॉर रूम स्थापित करने के निर्देश भी दिए। पुष्करालू की तैयारियों के तहत मुख्य मंदिरों और पर्यटन स्थलों पर घाटों का विस्तार करने की भी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा, सड़कों और विभिन्न क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी में किसी प्रकार की दिक्कत न आने देने के लिए निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों ने बासर श्री ज्ञान सरस्वती मंदिर के विकास और मंदिर विस्तार से संबंधित मास्टर प्लान मुख्यमंत्री को प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने मास्टर प्लान पर अधिकारियों को कई निर्देश और सुझाव दिए।
गोदावरी पुष्करालू कब शुरू होता है?
यह पर्व हर 12 साल में तब शुरू होता है, जब बृहस्पति (गुरु) ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करता है। इस अवसर पर गोदावरी नदी के तटों पर विशेष स्नान और पूजा का आयोजन होता है। आमतौर पर यह उत्सव 12 दिनों तक चलता है, जिसे बहुत शुभ माना जाता है।
गोदावरी पुष्करलू में कितने लोग मारे गए?
2015 में गोदावरी पुष्करालू के दौरान आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में भगदड़ मचने से लगभग 27 लोगों की मृत्यु हो गई थी। यह हादसा भीड़ अधिक होने के कारण हुआ था। इसके बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया।
गोदावरी किस ऋषि की पत्नी थी?
पौराणिक मान्यता के अनुसार गोदावरी नदी को ऋषि गौतम की पत्नी के रूप में माना जाता है। कथा के अनुसार उनके तप और आशीर्वाद से ही गोदावरी नदी का प्रकट होना बताया जाता है, इसलिए इसे पवित्र और पूजनीय नदी माना जाता है।
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