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Crime : भारी मात्रा में गांजा जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

Ajay Kumar Shukla
Ajay Kumar Shukla
Crime : भारी मात्रा में गांजा जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

हैदराबाद। शहर में एक बड़े एंटी-ड्रग ऑपरेशन (Anti-drug operations) के तहत कमिश्नर टास्क फोर्स (वेस्ट ज़ोन) और एसआर नगर पुलिस (SR Nagar Police) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 70 किलोग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 35 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओडिशा निवासी 30 वर्षीय किसान मनियल दलाबहेरा और मेडचल निवासी 48 वर्षीय इस्माइल रैता के रूप में हुई है।

आर्थिक तंगी के चलते गांजा की खेती कर रहा था दलाबहेरा

पुलिस के अनुसार, दलाबहेरा आर्थिक तंगी के चलते गांजा की खेती कर रहा था, जबकि रैता हैदराबाद में रोजगार की तलाश में आने के बाद अपने रिश्तेदारों के संपर्क में आकर गांजा की तस्करी में शामिल हो गया। अतिरिक्त डीसीपी मोहम्मद इकबाल सिद्दीकी ने बताया कि आरोपियों के पास से 70 किलो गांजा के अलावा दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। कमिश्नर टास्क फोर्स ने युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि मादक पदार्थ करियर, परिवार और भविष्य को बर्बाद कर देते हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को 100 नंबर पर कॉल कर दें। यह कार्रवाई इंस्पेक्टर च. यादेंदर और एसआईपी डी. रवि राज के नेतृत्व में वेस्ट ज़ोन टास्क फोर्स टीम और एसआर नगर पुलिस द्वारा की गई।

गांजा पीने से कौन-कौन सी बीमारी होती है?

इसके सेवन से फेफड़ों की सूजन, ब्रोंकाइटिस और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लंबे समय तक उपयोग करने पर याददाश्त कमजोर होना, एकाग्रता में कमी, अवसाद, चिंता और मनोविकृति जैसी मानसिक बीमारियों का खतरा रहता है। हृदय गति तेज होना, रक्तचाप में बदलाव तथा प्रतिरक्षा तंत्र पर असर भी देखा गया है। किशोरावस्था में लत लगने से मस्तिष्क विकास प्रभावित हो सकता है। नींद की गड़बड़ी और भूख में असंतुलन भी संभव है। लंबे समय।

आदमी गांजा क्यों पीता है?

लोग इसे जिज्ञासा, साथियों के दबाव, तनाव से राहत या अस्थायी आनंद पाने के लिए अपनाते हैं। कुछ व्यक्तियों को लगता है कि इससे रचनात्मकता बढ़ती है या नींद बेहतर आती है। सामाजिक माहौल, उपलब्धता और फिल्मों या मित्र मंडली का प्रभाव भी कारण बनता है। धीरे-धीरे शरीर और मस्तिष्क इसकी आदत डाल लेते हैं, जिससे निर्भरता विकसित हो सकती है और छोड़ना कठिन हो जाता है। भावनात्मक दर्द से बचने का प्रयास भी होता।

गांजा में कौन सा नशा होता है?

इसमें मुख्य सक्रिय रसायन टेट्राहाइड्रोकैनाबिनॉल (THC) होता है, जो मस्तिष्क के रिसेप्टर्स पर असर डालकर नशे की अनुभूति पैदा करता है। इसके अलावा कैनाबिडियोल (CBD) जैसे अन्य यौगिक भी पाए जाते हैं, जिनका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है। THC के कारण उत्साह, आराम, समय की धारणा में बदलाव और भूख बढ़ने जैसी अनुभूतियां होती हैं। अधिक मात्रा में लेने पर भ्रम, घबराहट और समन्वय में कमी दिख सकती है। कभी-कभी स्मृति पर अस्थायी असर पड़ता।

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