Hyderabad News : जीओ 49 आदिवासियों को बेदखल करने की कांग्रेस की साजिश

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कांग्रेस सरकार के जीओ 49 को तत्काल वापस लेने की मांग

हैदराबाद। बीआरएस नेता और पूर्व आईपीएस अधिकारी आरएस प्रवीण कुमार (RS Praveen Kumar) ने बुधवार को कांग्रेस सरकार (Congress Government) पर बाघ संरक्षण के नाम पर सात लाख से अधिक आदिवासियों को विस्थापित करने की साजिश रचने का आरोप लगाया और सरकारी आदेश (जीओ) 49 को तत्काल वापस लेने की मांग की। तेलंगाना भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रवीण कुमार ने कहा कि कवाल-ताडोबा टाइगर कॉरिडोर के विस्तार के लिए जारी किया गया जीओ 49 आदिवासियों के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों और पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम (पेसा) के प्रावधानों का घोर उल्लंघन है।

अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों दोनों के साथ विश्वासघात कर रही है कांग्रेस

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी (Chief Minister A Revanth Reddy) और कांग्रेस सरकार तेलंगाना में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों दोनों के साथ विश्वासघात कर रही है। उन्होंने कहा, ‘पूर्ववर्ती आदिलाबाद जिले के आदिवासियों को अपनी जमीन पर खेती करने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है, उन्हें उन क्षेत्रों से भगाया जा रहा है जहां वे पीढ़ियों से रह रहे हैं – और यह सब सात बाघों की खातिर किया जा रहा है।’ प्रवीण कुमार ने स्पष्ट किया कि बीआरएस वन्यजीव संरक्षण के खिलाफ नहीं है, उन्होंने कहा कि पार्टी पर्यावरण संरक्षण के नाम पर आदिवासियों के विस्थापन पर कड़ी आपत्ति जताती है।

आदिवासी समुदायों को निशाना बनाने का कांग्रेस का लंबा इतिहास

उन्होंने याद दिलाया कि इंद्रवेली हत्याकांड का हवाला देते हुए आदिवासी समुदायों को निशाना बनाने का कांग्रेस का लंबा इतिहास रहा है, और वर्तमान सरकार पर उस प्रवृत्ति को जारी रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘जबकि पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (Former Chief Minister K Chandrasekhar Rao) ने हरिता हरम के माध्यम से राज्य का हरित क्षेत्र बढ़ाया, रेवंत रेड्डी ने कांचा गाचीबोवली में 100 एकड़ जमीन पर बुलडोजर चला दिया और लागाचेरला में आदिवासी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए।’ बीआरएस विधायक कोवा लक्ष्मी ने चेतावनी दी कि अगर जीओ 49 को वापस नहीं लिया गया तो वे तीव्र विरोध प्रदर्शन करेंगे।

आसिफाबाद के आदिवासी इलाकों में भय फैला रही है सरकार

उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने भी इस आदेश का विरोध किया है। उन्होंने कहा, ‘सरकार बुनियादी ढांचे की अनदेखी करते हुए आसिफाबाद के आदिवासी इलाकों में भय फैला रही है। पार्टी लाइन से परे आदिवासी विधायकों को अपने लोगों के लिए लड़ने के लिए एक साथ आना चाहिए।’ उन्होंने जीओ 49 को तत्काल वापस लेने की मांग की और आदिवासी संगठनों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, ‘अगर कांग्रेस वास्तव में आदिवासी समुदायों का सम्मान करती है, तो उसे कोमुराम भीम का नाम केवल चुनावों के दौरान लेने के बजाय अभी से कार्रवाई करनी चाहिए।’ उन्होंने आदिवासी कल्याण मंत्री डी अनसूया उर्फ सीताक्का से हस्तक्षेप करने और आदिवासी अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया।

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लेखक परिचय

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