हैदराबाद। हैदराबाद सिटी पुलिस की नारकोटिक्स एन्फोर्समेंट विंग (एच-न्यू) ने अवैध रूप से भारत में रह रही और कथित रूप से ड्रग तस्करी में संलिप्त युगांडा (Uganda) की एक महिला नागरिक को गिरफ्तार कर देश से बाहर भेज दिया है। आरोपी की पहचान जूलियाना विक्टर नबिटाका (27) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे तोलिचौकी (Tolichowki) इलाके में सत्यापन के दौरान हिरासत में लिया, जहां वह वैध वीजा दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रही।
एफआरआरओ से किया समन्वय
विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर हैदराबाद पुलिस ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) से समन्वय किया, जिसके बाद आरोपी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, 21 दिसंबर को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उसे युगांडा डिपोर्ट किया गया। हैदराबाद पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में की गई है और शहर को नशा मुक्त बनाने के लिए अभियान जारी रहेगा।
ड्रग तस्करी क्या है?
ड्रग तस्करी का मतलब अवैध नशीले पदार्थों का उत्पादन, बिक्री, परिवहन या वितरण करना है। इसमें मादक द्रव्यों को सीमाओं के पार ले जाना, बिना अनुमति बेचना और गैरकानूनी तरीके से बाजार में पहुंचाना शामिल होता है।
क्या भारत में ड्रग्स लेना गैरकानूनी है?
हाँ, भारत में अधिकांश मादक पदार्थों का सेवन, बिक्री और खरीद नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) के तहत गैरकानूनी है। केवल चिकित्सकीय आवश्यकता या वैध लाइसेंस के तहत कुछ ड्रग्स का प्रयोग अनुमति प्राप्त है।
भारत में ड्रग्स की तस्करी के लिए क्या सजा है?
ड्रग तस्करी के अपराध में सख्त सजा का प्रावधान है। दोषी को सात वर्ष से लेकर आजीवन कारावास और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि मात्रा बड़ी या रासायनिक प्रकार गंभीर हो तो सजा और भी कड़ी हो सकती है।
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