हैदराबाद । सूचना का अधिकार अधिनियम लोकतांत्रिक व्यवस्था की जीवनरेखा है। यह बात तेलंगाना राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष (Former Chairman) डॉ. वकुलाभरणम कृष्ण मोहन राव ने मंगलवार को बाग अंबरपेट स्थित भारत नगर कम्युनिटी हॉल, हैदराबाद में आयोजित आरटीआई रक्षक ह्यूमन राइट्स सोसाइटी (Human Rights Society) के प्रथम वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में कही। डॉ. राव ने कहा कि आरटीआई अधिनियम पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन को सुदृढ़ बनाने का प्रभावी माध्यम है। नागरिक जब अपने संवैधानिक अधिकार के तहत सूचना मांगते हैं, तब प्रशासनिक जवाबदेही मजबूत होती है।
सूचना प्राप्त करना संवैधानिक अधिकार
उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार पारदर्शिता और जवाबदेही सुशासन की आधारशिला हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष अरुकुला महेंदर गौड़ ने की। इस अवसर पर ईस्ट ज़ोन डिप्टी अतिरिक्त डीसीपी जे. नरसैया ने कहा कि सूचना प्राप्त करना संवैधानिक अधिकार है, किंतु इसका उपयोग कानून की सीमाओं के भीतर ही होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन अवैध माना जाएगा। उन्होंने कहा कि आरटीआई का जिम्मेदार उपयोग प्रशासनिक संतुलन और अनुशासन को सुदृढ़ करता है तथा नागरिकों और आरटीआई कार्यकर्ताओं को इसे जनसमस्याओं के समाधान हेतु सकारात्मक रूप से उपयोग करना चाहिए।
बड़ी संख्या में आरटीआई कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए
कार्यक्रम में गौड़ कर्मचारी प्रोफेशनल एवं ऑफिशियल एसोसिएशन के अध्यक्ष बंड़ी सायन्न, सामाजिक कार्यकर्ता मुद्धागौनी राममोहन गौड़, सुदर्शन, तारकेश्वरी, वीरेंदर गौड़, नवीन कुमार, अनिल कुमार, भानु प्रसाद, सत्यनारायण, नाग ज्योति, अभिषेक गौड़ और नवीन सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी संबोधित किया। राज्य भर से बड़ी संख्या में आरटीआई कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए। संस्था की पिछले वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा भावी कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
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