Sidewalk-vendors : हैदराबाद। चारमीनार पुलिस ने ऐतिहासिक चारमीनार और मक्का मस्जिद जाने वाले मुख्य पैदल मार्ग पर पर्यटकों की आवाजाही में बाधा उत्पन्न करने वाली पांच महिला फुटपाथ विक्रेताओं (Sidewalk vendors) के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की है। गुलजार हाउस से चारमीनार और मक्का मस्जिद तक जाने वाला मुख्य मार्ग पर्यटकों के लिए विशेष रूप से पैदल आवागमन हेतु निर्धारित किया गया है। इसके बावजूद कुछ महिला विक्रेता (female salesman), जो मूल रूप से अलवर (राजस्थान) की निवासी हैं और वर्तमान में नंदना वनम (टीकेआर कमान के पास), मीरपेट, हैदराबाद में रह रही हैं, इस मार्ग पर कृत्रिम फूलों की बिक्री कर रही थीं। पुलिस द्वारा कई बार समझाने और रास्ता खाली करने की चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने निर्देशों की अनदेखी की।
बीएनएस की धारा 292 के तहत दर्ज किया मामला
इसके चलते 23 मई को चारमीनार पुलिस ने उनके खिलाफ सीपी एक्ट की धारा 66-सी और बीएनएस की धारा 292 के तहत मामला दर्ज किया। आज सभी पांच महिलाओं को माननीय प्रथम विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसजेएम) कोर्ट में पेश किया गया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अतिरिक्त अदालत ने उन्हें आज शाम 5 बजे तक चारमीनार पुलिस स्टेशन में सामाजिक सेवा करने का भी आदेश दिया।
महिला आरोपियों में अंजू सिंह (19 वर्ष), साबी देवी (38 वर्ष), मनु देवी (43 वर्ष), मनीषा (20 वर्ष), शकुंतला (36 वर्ष) शामिल रहा। चारमीनार पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर ने चेतावनी दी है कि पैदल मार्गों और सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुविधा एवं सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
चारमीनार किसने बनवाया था और क्यों?
कुतुब शाही वंश के पांचवें शासक मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने 1591 ई. में चारमीनार का निर्माण करवाया था। इसे बनवाने के पीछे दो प्रमुख कारण बताए जाते हैं — पहला, हैदराबाद शहर की स्थापना की याद में, और दूसरा, उस समय फैली प्लेग महामारी के खात्मे की खुशी में और अल्लाह का शुक्र अदा करने के लिए। यह इमारत इस्लामी स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट नमूना मानी जाती है।
चारमीनार भारत में कहाँ स्थित है?
तेलंगाना राज्य की राजधानी हैदराबाद के पुराने शहर में स्थित है। यह मूसी नदी के पूर्वी तट पर बना है और पुराने हैदराबाद के केंद्र में स्थित होने के कारण शहर की पहचान बन चुका है। इसके चारों ओर लाड बाजार, चूड़ी बाजार और पत्थर गट्टी जैसे प्रसिद्ध बाजार हैं जो इसे और भी जीवंत बनाते हैं।
चारमीनार का इतिहास क्या है?
1591 ई. में बना चारमीनार ग्रेनाइट, चूने, मोर्टार और पाउडर संगमरमर से निर्मित है। इसमें चार भव्य मीनारें हैं जो चार मेहराबों पर टिकी हैं — इसीलिए इसका नाम चारमीनार पड़ा। सैकड़ों वर्षों तक यह इमारत हैदराबाद के व्यापार और शासन का केंद्र रही। मुगल, निजाम और अंग्रेज — सभी के काल में यह अपनी भव्यता बनाए रहा। आज यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में है और देश के सबसे प्रतिष्ठित ऐतिहासिक स्मारकों में से एक है।
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