वारंगल। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव (KTR) ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए किसानों की फसलों की तुरंत खरीद सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हर किसान का अनाज नहीं खरीदा गया तो सरकार को किसानों के भारी विरोध का सामना करना पड़ेगा। बुधवार को वारंगल में आयोजित ‘रैतु संग्राम सभा’ को संबोधित करते हुए केटीआर ने कहा कि बीआरएस (BRS) तब तक पीछे नहीं हटेगी जब तक किसानों की पूरी उपज नहीं खरीदी जाती। यह सभा कांग्रेस द्वारा चार साल पहले किए गए किसान घोषणा पत्र की याद में आयोजित की गई थी।
किसानों के समर्थन में केटीआर का सरकार पर हमला
केटीआर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी द्वारा किया गया यह घोषणा पत्र पूरी तरह विफल रहा है और एक भी वादा पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने किसानों के साथ धोखा किया है और तेलंगाना में फिर से कृषि संकट पैदा हो गया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या वह फसलों की खरीद करेगी या 70 लाख किसानों के गुस्से का सामना करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि खरीद में देरी हुई तो राज्यभर में किसान आंदोलन तेज करेंगे। केटीआर ने कहा कि सरकार ने कर्ज माफी, आर्थिक सहायता, फसल बोनस और खाद की आपूर्ति जैसे प्रमुख वादे पूरे नहीं किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बोनस देने से बचने के लिए जानबूझकर खरीद में देरी कर रही है।
वे हिम्मत न हारें और आत्महत्या जैसे कदम न उठाएं
किसानों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे हिम्मत न हारें और आत्महत्या जैसे कदम न उठाएं, बल्कि एकजुट होकर सरकार से जवाब मांगें। उन्होंने गांव स्तर पर जनप्रतिनिधियों से सवाल करने की भी अपील की। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए केटीआर ने कहा कि सरकार को तुरंत किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, नहीं तो उसे कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने हाल में किसानों की मौतों पर भी चिंता जताई और इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। केटीआर ने कहा कि राज्य में फसल खरीद की कमी, बकाया भुगतान, खाद की कमी और बिजली आपूर्ति की अनियमितता जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
सिर्फ कार्यक्रमों और प्रचार पर ध्यान दे रही सरकार
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक मुद्दों की बजाय सिर्फ कार्यक्रमों और प्रचार पर ध्यान दे रही है। बीआरएस नेता ने मांग की कि सभी फसलों की बिना शर्त खरीद हो, किसान घोषणा पत्र को पूरी तरह लागू किया जाए, कर्ज माफी पूरी की जाए, बकाया भुगतान किया जाए और मृत किसानों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए। सभा में किसानों के समर्थन में कई प्रस्ताव भी पारित किए गए और सरकार पर तुरंत कार्रवाई का दबाव बढ़ाने की बात कही गई।
20 फसल के नाम क्या हैं?
भारत में अनेक प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं। प्रमुख 20 फसलें इस प्रकार हैं: गेहूं, चावल, मक्का, जौ, बाजरा, ज्वार, गन्ना, कपास, सरसों, सोयाबीन, मूंगफली, चना, मसूर, अरहर, आलू, टमाटर, प्याज, मिर्च, जूट और रागी। ये फसलें खाद्य, तेल, रेशा और दालों की जरूरत पूरी करती हैं। कृषि में इनका बड़ा आर्थिक महत्व होता है। ये सभी फसलें देश की अर्थव्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं बहुत उपयोगी हैं।
1 एकड़ जमीन से 1 लाख प्रति माह कैसे कमाए?
एक एकड़ जमीन से सही योजना अपनाकर अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए सब्जी की खेती, पॉलीहाउस, फूलों की खेती, औषधीय पौधे और मल्टीक्रॉपिंग अपनाना लाभकारी होता है। ड्रिप सिंचाई, जैविक खेती और बाजार में सीधे बिक्री से मुनाफा बढ़ता है। डेयरी, बकरी पालन और मुर्गी पालन भी अतिरिक्त आय का अच्छा साधन हैं। सही तकनीक, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर किसान कम समय में अधिक कमाई कर सकते हैं।
15 फसलों के नाम क्या हैं?
कृषि में कई प्रकार की प्रमुख फसलें उगाई जाती हैं। इनमें गेहूं, चावल, मक्का, जौ, बाजरा, ज्वार, चना, मसूर, अरहर, मूंग, उड़द, सरसों, सोयाबीन, गन्ना और कपास शामिल हैं। ये सभी फसलें भोजन, तेल, दाल और रेशा की जरूरत पूरी करती हैं। किसान इन्हें अलग-अलग मौसम में उगाकर बेहतर आय प्राप्त करते हैं। सही खेती तकनीक से उत्पादन और लाभ दोनों बढ़ सकते हैं। यह कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाती है किसानों के लिए लाभकारी।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :