हैदराबाद। पूर्व मंत्री और बीआरएस के उपनेता टी. हरीश राव (T. Harish Rao) ने बुधवार को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से नादरगुल क्षेत्र में सरकारी जमीन को कथित अतिक्रमण से बचाने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की। नादरगुल के सैकड़ों किसानों ने हरीश राव से मुलाकात कर आरोप लगाया कि रियल एस्टेट समूह, कथित तौर पर पुलिस के समर्थन से, रंगा रेड्डी जिले के बालापुर मंडल के कासुबाग क्षेत्र में सर्वे नंबर 613 (119) की 373 एकड़ सरकारी भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों ने अतिक्रमणकारियों (Encroachers) द्वारा की गई फेंसिंग, क्षतिग्रस्त बोरवेल और हमलों में लगी चोटों के फोटो और वीडियो भी सौंपे। हरीश राव ने कहा कि पूर्व बीआरएस सरकार, जिसका नेतृत्व के. चंद्रशेखर राव ने किया था, ने इन जमीनों की रक्षा के लिए तेलंगाना हाईकोर्ट में भूमि सीमा कानून के तहत कानूनी लड़ाई लड़ी थी।
हरीश राव ने सीएम से की अपील
उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर यह माना है कि यह भूमि राज्य की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस जमीन को निजी लोगों को सौंपने की साजिश रची जा रही है। “हैद्रा” पहल पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्या यह केवल गरीबों को निशाना बनाने के लिए है, जबकि बड़े पैमाने पर अतिक्रमण को नजरअंदाज किया जा रहा है। किसानों की समस्या सुनने के बाद हरीश राव ने रंगा रेड्डी जिला कलेक्टर नारायण रेड्डी, पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार तथा स्थानीय राजस्व अधिकारियों से बात कर अवैध फेंसिंग हटाने, किसानों के अधिकार बहाल करने, जल स्रोतों की सुरक्षा और फीडर चैनलों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे बीआरएस प्रतिनिधिमंडल के साथ मौके का दौरा करेंगे।
भू माफिया पर कौन सी धारा लगती है?
अवैध तरीके से जमीन पर कब्जा करने या संगठित रूप से भूमि हड़पने वाले लोगों पर भारतीय कानून के तहत कई धाराएं लगाई जाती हैं। इसमें मुख्य रूप से आपराधिक अतिक्रमण (IPC 441/447), धोखाधड़ी (IPC 420), और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में गैंगस्टर एक्ट और भू-माफिया विरोधी कानूनों के तहत भी कार्रवाई होती है, जिसमें संपत्ति जब्त करने तक की व्यवस्था होती है।
भू माफिया के खिलाफ शिकायत कैसे करें?
शिकायत दर्ज करने के लिए पीड़ित व्यक्ति स्थानीय थाने में लिखित आवेदन दे सकता है और जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज साथ लगाना जरूरी होता है। इसके अलावा जिला प्रशासन, SDM या तहसील कार्यालय में भी शिकायत की जा सकती है। कई राज्यों में ऑनलाइन जनसुनवाई पोर्टल और एंटी भू-माफिया पोर्टल भी उपलब्ध हैं। शिकायत मिलने पर प्रशासन जांच करता है और अवैध कब्जा साबित होने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है।
जमीन पर अवैध कब्जा करने पर कौन सी धारा लगती है?
कब्जा करने की स्थिति में भारतीय कानून के तहत आपराधिक अतिक्रमण (IPC 441), घर में जबरन घुसना (IPC 448) और चोरी या धोखाधड़ी (IPC 379/420) जैसी धाराएं लग सकती हैं। यदि मामला गंभीर हो तो गैंगस्टर एक्ट या सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जाती है। नए कानूनों के तहत भी अवैध कब्जा दंडनीय अपराध है और इसमें जुर्माना तथा जेल दोनों का प्रावधान हो सकता है।
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