हैदराबाद। भारतीय डाक (India Post) ने डाक सेवाओं को तेज़ और आधुनिक बनाने के लिए छह महानगरों में तीन नई समयबद्ध वितरण सेवाएं प्रारंभ की हैं। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा राज्य मंत्री चन्द्र शेखर पेम्मासानी ने नई दिल्ली से इन सेवाओं का शुभारंभ किया। इन सेवाओं के अंतर्गत पत्र और पाँच किलोग्राम तक के पार्सल अगले दिन ही प्राप्तकर्ता तक पहुँचेंगे, जबकि कुछ सेवाओं में दो दिनों के भीतर वितरण होगा। निर्धारित समय में वितरण न होने पर शर्तों के अनुसार धनवापसी का प्रावधान भी रखा गया है। तेलंगाना सर्कल की मुख्य डाक महाप्रबंधक डॉ. वीणा कुमारी डर्मल ने इसे डाक सेवाओं (Postal Services) में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार प्रारंभ की गई यह सेवा
उन्होंने कहा कि यह सेवा बदलती बाजार आवश्यकताओं और ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार प्रारंभ की गई है। हैदराबाद में 38 डाक कार्यालय और 94 वितरण कार्यालय “24 त्वरित डाक” और “24 त्वरित पार्सल डाक” सेवाओं के लिए कार्य करेंगे, जबकि 176 डाक कार्यालय और 94 वितरण कार्यालय “48 त्वरित डाक” सेवा के लिए जिम्मेदार होंगे। सभी डाक सामग्रियों को प्राथमिकता के आधार पर वितरण किया जाएगा। इन सेवाओं में तात्कालिक जानकारी, सूचनाएँ, सुरक्षित वितरण, व्यवसायों के लिए नि:शुल्क संग्रहण जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
डाकिया की 1 महीने की सैलरी कितनी होती है?
भारतीय डाक विभाग में कार्यरत ग्रामीण डाक सेवक (GDS) की मासिक आय पद के अनुसार अलग होती है। शाखा डाकपाल (BPM) को लगभग ₹12,000 से ₹29,380 तक मिलते हैं, जबकि सहायक शाखा डाकपाल (ABPM) और डाक सेवक को ₹10,000 से ₹24,470 तक मिलते हैं। शुरुआत में वेतन कम रहता है, लेकिन समय के साथ भत्ते और वृद्धि जुड़ती रहती है। काम के घंटे और जिम्मेदारी के आधार पर आय में थोड़ा अंतर भी हो सकता है।
2026 में जीडीएस का फॉर्म कब निकलेगा?
वर्ष 2026 में ग्रामीण डाक सेवक भर्ती का आवेदन जनवरी के अंत में जारी किया गया था। आवेदन प्रक्रिया लगभग 31 जनवरी से शुरू होकर फरवरी के मध्य तक चली। इस दौरान उम्मीदवारों ने ऑनलाइन आवेदन किया और बाद में मेरिट सूची जारी हुई। यह भर्ती हर साल या आवश्यकता अनुसार निकलती है, इसलिए अगली अधिसूचना 2027 में आने की संभावना रहती है। सही जानकारी के लिए समय-समय पर आधिकारिक घोषणा देखना जरूरी होता है।
Gds me कितने प्रतिशत चाहिए obc?
ग्रामीण डाक सेवक भर्ती में चयन के लिए कोई निश्चित न्यूनतम प्रतिशत तय नहीं होता है। पूरी प्रक्रिया 10वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेरिट सूची के जरिए होती है। अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए भी अलग से प्रतिशत निर्धारित नहीं है, लेकिन प्रतिस्पर्धा के कारण अधिक अंक होना जरूरी होता है। सामान्यतः 70% से 90% या उससे अधिक अंक वाले उम्मीदवारों के चयन की संभावना बेहतर रहती है, जो राज्य और क्षेत्र पर निर्भर करता है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :