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Hyderabad : इंटरमीडिएट में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ववत तरीके से संचालित की जाए – रेवंत रेड्डी

Author Icon By Ajay Kumar Shukla
Updated: May 11, 2026 • 10:30 AM
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हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस वर्ष इंटरमीडिएट पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ववत तरीके से संचालित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया के लिए सीमित समय उपलब्ध है और इंटरमीडिएट (Intermediate) शिक्षा को सामान्य स्कूली शिक्षा प्रणाली में विलय करने की प्रक्रिया में कई तकनीकी बाधाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए तत्काल प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाए।

तेलंगाना शिक्षा आयोग ने इंटरमीडिएट शिक्षा प्रणाली को समाप्त कर सीबीएसई मॉडल की तर्ज पर कक्षा 11वीं और 12वीं लागू करने की सिफारिश की थी। आयोग का मानना है कि नई शिक्षा व्यवस्था से विद्यार्थियों के बीच पढ़ाई छोड़ने की समस्या में कमी आएगी। अधिकांश राज्यों में पहले से ही 11वीं और 12वीं की व्यवस्था लागू है, जबकि तेलंगाना में इंटरमीडिएट शिक्षा अलग प्रणाली के रूप में जारी है।

सीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश

बताया गया कि सरकारी स्कूलों से 10वीं उत्तीर्ण करने वाले अनेक विद्यार्थी अलग इंटरमीडिएट कॉलेजों में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं, जिसके कारण वे पढ़ाई बीच में ही छोड़ रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री ने इंटरमीडिएट शिक्षा को अलग व्यवस्था के बजाय नियमित स्कूली शिक्षा में 11वीं और 12वीं कक्षाओं के रूप में शामिल करने का सुझाव दिया। हालांकि, इंटरमीडिएट प्रवेश स्थगित किए जाने की घोषणा से विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई थी।

वर्तमान स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सांसद वेम नरेंद्र रेड्डी, मुख्य सचिव रामकृष्ण राव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव शेषाद्रि, विशेष सचिव अजित रेड्डी, सचिव माणिक राज तथा शिक्षा विभाग की आयुक्त योगिता राणा के साथ बैठक कर प्रस्तावित विलय से जुड़े विभिन्न तकनीकी मुद्दों और चुनौतियों की समीक्षा की। बैठक में फिलहाल विलय प्रक्रिया को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस विषय पर सभी संबंधित पक्षों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाए। साथ ही तेलंगाना शिक्षा नीति तैयार करने के लिए गठित समिति से भी इस मुद्दे का अध्ययन कर सुझाव देने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय विधानसभा में व्यापक चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।

तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?

राज्य की कुल जनसंख्या में लगभग 85 प्रतिशत लोग हिंदू धर्म को मानते हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार यहां हिंदू समुदाय सबसे बड़ा धार्मिक समूह है। इसके अलावा मुस्लिम, ईसाई, सिख और अन्य धर्मों के लोग भी निवास करते हैं। हैदराबाद समेत कई शहरों में धार्मिक विविधता साफ दिखाई देती है। बोनालू, बथुकम्मा और दशहरा जैसे त्योहार बड़े उत्साह से मनाए जाते हैं। मंदिरों और सांस्कृतिक परंपराओं का यहां के सामाजिक जीवन में विशेष महत्व माना जाता है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी धार्मिक आस्था काफी मजबूत है।

तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?

चावल यहां के लोगों का प्रमुख भोजन माना जाता है और इसे दाल, सांभर तथा सब्जियों के साथ खाया जाता है। मसालेदार स्वाद वाले व्यंजन इस क्षेत्र की खास पहचान हैं। हैदराबादी बिरयानी देशभर में प्रसिद्ध है और पर्यटकों को काफी आकर्षित करती है। इसके अलावा सरवा पिंडी, जोन्ना रोट्टे, सकिनालु और पचड़ी जैसे पारंपरिक व्यंजन भी लोकप्रिय हैं। खाने में लाल मिर्च, इमली और देसी मसालों का अधिक उपयोग किया जाता है। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में पारंपरिक स्वाद आज भी लोगों की पसंद बना हुआ है।

तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?

ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र को “त्रिलिंग देश” कहा जाता था। माना जाता है कि यह नाम तीन प्रमुख शिव मंदिरों — कालेश्वरम, श्रीशैलम और द्राक्षारामम — से जुड़ा हुआ है। समय के साथ यही शब्द बदलकर वर्तमान नाम बना। दक्षिण भारत की संस्कृति, भाषा और परंपराओं में इस क्षेत्र की अलग पहचान रही है। वर्ष 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग होकर इसे नया राज्य बनाया गया। आईटी उद्योग, ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक उत्सवों के कारण यह देश के महत्वपूर्ण राज्यों में गिना जाता है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री किस जाति से हैं?

A. Revanth Reddy रेड्डी समुदाय से संबंध रखते हैं। दक्षिण भारत में यह समुदाय सामाजिक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माना जाता है। लंबे समय से कई प्रमुख नेता इसी समाज से जुड़े रहे हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और बाद में राज्य स्तर पर बड़ी पहचान बनाई। वर्ष 2023 में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में उन्होंने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। तेज भाषण शैली और सक्रिय राजनीतिक रणनीति के कारण उनकी पहचान राज्य के प्रमुख नेताओं में की जाती है।

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