हैदराबाद। तेलंगाना के सड़क एवं भवन निर्माण मंत्री कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी (Komatireddy Venkat Reddy) ने रविवार को हैदराबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव से उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में राज्य में लंबित और प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य फोकस क्षेत्रीय रिंग रोड (आरआरआर) परियोजना तथा हैदराबाद–विजयवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-65) के चौड़ीकरण पर रहा, जिसे क्षेत्र का सबसे व्यस्त और दुर्घटनाप्रवण मार्ग माना जाता है। मंत्री ने एनएच-65 के 8-लेन विस्तार कार्य को शीघ्र शुरू करने का आग्रह किया और सड़क पर बढ़ती दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की।
आरआरआर और एनएच-65 विस्तार को तेज करने पर चर्चा
कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एलबी नगर से हयातनगर तक नागपुर मॉडल की तर्ज पर 7.1 किलोमीटर लंबा डबल-डेकर एलिवेटेड कॉरिडोर प्रस्तावित किया है, जिसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पहले ही सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजी जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार, एनएचएआई अध्यक्ष ने मंत्री को आश्वस्त किया कि क्षेत्रीय रिंग रोड और हैदराबाद–विजयवाड़ा हाईवे विस्तार की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कार्य शीघ्र शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
परियोजनाओं को भी शीघ्र पूरा करने पर दिया जोर
मंत्री ने तेलंगाना में एनएचएआई द्वारा चल रही अन्य परियोजनाओं को भी शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया और कहा कि बेहतर सड़क संपर्क राज्य के आर्थिक विकास और क्षेत्रीय प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में विशेष मुख्य सचिव विकास राज, विशेष सचिव प्रवीण्या, एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी शिव शंकर तथा आरएंडबी विभाग के मुख्य अभियंता धर्मा रेड्डी और राजेश्वर रेड्डी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
राज्य की कुल जनसंख्या में लगभग 85 प्रतिशत लोग हिंदू धर्म को मानते हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार यहां हिंदू समुदाय सबसे बड़ा धार्मिक समूह है। इसके अलावा मुस्लिम, ईसाई, सिख और अन्य धर्मों के लोग भी निवास करते हैं। हैदराबाद समेत कई शहरों में धार्मिक विविधता साफ दिखाई देती है। बोनालू, बथुकम्मा और दशहरा जैसे त्योहार बड़े उत्साह से मनाए जाते हैं। मंदिरों और सांस्कृतिक परंपराओं का यहां के सामाजिक जीवन में विशेष महत्व माना जाता है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी धार्मिक आस्था काफी मजबूत है।
तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?
चावल यहां के लोगों का प्रमुख भोजन माना जाता है और इसे दाल, सांभर तथा सब्जियों के साथ खाया जाता है। मसालेदार स्वाद वाले व्यंजन इस क्षेत्र की खास पहचान हैं। हैदराबादी बिरयानी देशभर में प्रसिद्ध है और पर्यटकों को काफी आकर्षित करती है। इसके अलावा सरवा पिंडी, जोन्ना रोट्टे, सकिनालु और पचड़ी जैसे पारंपरिक व्यंजन भी लोकप्रिय हैं। खाने में लाल मिर्च, इमली और देसी मसालों का अधिक उपयोग किया जाता है। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में पारंपरिक स्वाद आज भी लोगों की पसंद बना हुआ है।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र को “त्रिलिंग देश” कहा जाता था। माना जाता है कि यह नाम तीन प्रमुख शिव मंदिरों — कालेश्वरम, श्रीशैलम और द्राक्षारामम — से जुड़ा हुआ है। समय के साथ यही शब्द बदलकर वर्तमान नाम बना। दक्षिण भारत की संस्कृति, भाषा और परंपराओं में इस क्षेत्र की अलग पहचान रही है। वर्ष 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग होकर इसे नया राज्य बनाया गया। आईटी उद्योग, ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक उत्सवों के कारण यह देश के महत्वपूर्ण राज्यों में गिना जाता है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री किस जाति से हैं?
A. Revanth Reddy रेड्डी समुदाय से संबंध रखते हैं। दक्षिण भारत में यह समुदाय सामाजिक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माना जाता है। लंबे समय से कई प्रमुख नेता इसी समाज से जुड़े रहे हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और बाद में राज्य स्तर पर बड़ी पहचान बनाई। वर्ष 2023 में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में उन्होंने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। तेज भाषण शैली और सक्रिय राजनीतिक रणनीति के कारण उनकी पहचान राज्य के प्रमुख नेताओं में की जाती है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :