बेबुनियाद बयान दे रहे हैं केटीआर
हैदराबाद। भुवनगिरी लोकसभा सांसद चामला किरण कुमार रेड्डी (Chamala Kiran Kumar Reddy) ने प्रेस वार्ता में बीआरएस नेता केटीआर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर की गई टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि केटीआर बेबुनियाद बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीआरएस पार्टी सभी चुनावों में हार चुकी है, लेकिन इसके बावजूद उसके नेता अभी भी सत्ता में बने रहने का भ्रम पाल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान राज्य पर भारी कर्ज बढ़ा और शासन व्यवस्था ठीक ढंग से नहीं चली। किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में ही राज्य में बड़े विकास कार्य हुए, जिनमें हवाई अड्डा, मेट्रो रेल और अन्य बुनियादी परियोजनाएं (Projects) शामिल हैं।
पूर्व सरकार ने की जनता के हितों की अनदेखी
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार ने जनता के हितों की अनदेखी की और केवल अपने फायदे पर ध्यान दिया। उन्होंने कलेश्वरम परियोजना को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि इसमें खामियां सामने आई हैं। साथ ही यह भी कहा कि वर्तमान सरकार राज्य के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है और केंद्र सरकार से सहयोग लेने में भी पीछे नहीं हटेगी। सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी जनता के हित में काम कर रहे हैं और राज्य के विकास के लिए हर जरूरी कदम उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कांग्रेस पार्टी और मजबूत होकर उभरेगी। प्रेस वार्ता में उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के आरोपों पर जनता ध्यान नहीं दे रही है और प्रदेश में विकास कार्यों के आधार पर ही राजनीति होगी।
शासनकाल का पर्यायवाची शब्द क्या है?
इस शब्द के कई समानार्थी रूप होते हैं, जैसे “राजकाल”, “शासन अवधि”, “राज्यकाल” और “हुकूमत का समय”। इन सभी का अर्थ किसी शासक, राजा या सरकार के शासन करने की अवधि से होता है। अलग-अलग संदर्भों में इन शब्दों का प्रयोग किया जाता है, लेकिन मूल अर्थ एक ही रहता है, यानी वह समय जब कोई सत्ता में रहकर प्रशासन चलाता है।
मुगलों से पहले भारत में किसका राज था?
मुगल शासन से पहले भारत में कई राजवंशों और साम्राज्यों का शासन रहा। इनमें प्रमुख रूप से दिल्ली सल्तनत का राज था, जो 13वीं से 16वीं शताब्दी तक चला। इसके अलावा क्षेत्रीय स्तर पर राजपूत, विजयनगर और बहमनी साम्राज्य भी शासन कर रहे थे। इसके बाद 1526 में पानीपत का प्रथम युद्ध के बाद मुगल शासन की शुरुआत हुई।
भारत का असली शासक कौन था?
भारत में समय-समय पर अलग-अलग शासकों और साम्राज्यों का शासन रहा है, इसलिए किसी एक व्यक्ति को “असली शासक” कहना सही नहीं है। प्राचीन काल में मौर्य और गुप्त वंश, मध्यकाल में सुल्तान और मुगल, और बाद में अंग्रेजों का शासन रहा। वर्तमान में भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां अंतिम सत्ता जनता के पास होती है और शासन संविधान के अनुसार चुनी हुई सरकार द्वारा चलाया जाता है।
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