हैदराबाद । केंद्र सरकार माओवादियों को जड़ से उखाड़ने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन कगार’ चला रही है। हाल ही में तेलंगाना और छत्तीसगढ़ राज्यों के सीमावर्ती जिलों में हुई मुठभेड़ में कुल 27 माओवादियों की जान चली गई। इस संदर्भ में माओवादी पार्टी की केंद्रीय समिति ने अपने प्रमुख नेता संबल केशव राव और उनकी टीम के सदस्यों की मौत के विरोध में 10 जून को भारत बंद का आह्वान किया है। इसी तरह, यह घोषणा की गई कि शहीदों के लिए स्मारक सेवाएं 11 जून से 3 अगस्त 2025 तक आयोजित की जाएंगी। इसने कहा कि 2024 से केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा किए गए जवाबी हमलों में 540 माओवादी मारे गए हैं। इसने यह भी कहा कि भले ही उसने शांति वार्ता के लिए अपनी तत्परता की घोषणा की है, केंद्र सरकार ऑपरेशन कगार को नहीं रोक रही है, जबकि उसने पिछले दो महीनों से संयम बनाए रखा है।
फासीवादी रवैये का विरोध करने के लिए 10 जून को भारत बंद: अभय
माओवादी केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय ने आज एक पत्र जारी कर कहा कि वे केंद्र सरकार के फासीवादी रवैये का विरोध करने के लिए 10 जून को भारत बंद का आह्वान कर रहे हैं। पत्र में 21 मई को भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन के इतिहास में एक काला दिन बताया गया। अभय ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री, जो ब्राह्मणवादी हिंदुत्व फासीवादी, रक्तपिपासु और ईश्वर-हत्यारे हैं, पर माओवादियों पर सीधे युद्ध की घोषणा करने का आरोप लगाया।
फर्जी मुठभेड़ को अपनी ऐतिहासिक जीत बताना शर्मनाक :अभय
उन्होंने आरोप लगाया कि नारायणपुर माड़ क्षेत्र में भारतीय सेना, अर्धसैनिक बल, कमांडो बल और छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए गए संयुक्त अभियान में माओवादी केंद्रीय समिति के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसव राजू और पीएलडीए के विभिन्न स्तरों के नेतृत्व को बेरहमी से गोली मार दी गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बेशर्मी से फर्जी मुठभेड़ को अपनी ऐतिहासिक जीत बताना शर्मनाक है।
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