हैदराबाद। क्रिति सोशल इनिशिएटिव्स (Kriti Social Initiatives) ने एएमडी के सहयोग से यहां रायडुर्गम स्थित टी-वर्क्स में डिजिटल लिटरेसी रन का आयोजन किया। डिजिटल समावेशन (Digital inclusion) और युवा सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस 3 किलोमीटर की वॉक/रन में छात्रों, परिवारों, स्वयंसेवकों, एएमडी कर्मचारियों और साझेदार संगठनों सहित 1,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन में आज के तकनीक-आधारित विश्व में डिजिटल कौशल के महत्व को रेखांकित किया गया।
10,000 से अधिक लाभार्थियों तक बनाई पहुंच
वर्ष 2009 से महिलाओं के कौशल विकास और बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही क्रिति सोशल इनिशिएटिव्स ने कई सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा और डिजिटल लर्निंग कार्यक्रम शुरू किए हैं। पिछले दो वर्षों में एएमडी और क्रिति ने मिलकर 10,000 से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच बनाई है। इस अवसर पर क्रिति ट्रस्टी श्रीलता चेब्रोल ने कहा कि इस रन का उद्देश्य डिजिटल साक्षरता की आवश्यकता के प्रति जागरूकता फैलाना और इस क्षेत्र में काम कर रहे संगठनों को एक मंच पर लाना है।
आवश्यक डिजिटल साक्षरता कौशल तक पहुंच होना बेहद जरूरी
उन्होंने कहा, डिजिटल युग में हर व्यक्ति के लिए आवश्यक डिजिटल साक्षरता कौशल तक पहुंच होना बेहद जरूरी है। इस रन के जरिए हमने उस जरूरत पर ध्यान आकर्षित किया और कई एनजीओ को एक साथ लाया। एएमडी के साथ मिलकर युवाओं को ये कौशल प्रदान कर हमें खुशी है। एएमडी इंडिया की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं कंट्री हेड जया जगदीश ने समावेशी शिक्षा के प्रति एएमडी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि एसटीईएम और डिजिटल लर्निंग युवाओं को सशक्त बनाने और डिजिटल रूप से मजबूत समुदायों के निर्माण की कुंजी हैं।
उन्होंने कहा, डिजिटल लिटरेसी रन 2025 के लिए क्रिति सोशल इनिशिएटिव्स के साथ साझेदारी कर हम छात्रों को तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के लिए जरूरी कौशल प्रदान करने के अपने मिशन को और मजबूत कर रहे हैं।
डिजिटल साक्षरता क्या है?
मतलब है कंप्यूटर, स्मार्टफोन, इंटरनेट और डिजिटल उपकरणों का सही और सुरक्षित उपयोग करना। इसके माध्यम से व्यक्ति ऑनलाइन जानकारी ढूंढना, डिजिटल लेन‑देन करना और तकनीकी उपकरणों का कुशलतापूर्वक संचालन सीखता है।
डिजिटल साक्षरता का अर्थ क्या है?
अर्थ है डिजिटल दुनिया में आत्मनिर्भर बनना और तकनीक का ज्ञान रखना। इसका उद्देश्य लोगों को इंटरनेट, ई‑मेल, ऑनलाइन बैंकिंग, सोशल मीडिया और डिजिटल सेवाओं का सुरक्षित और प्रभावी उपयोग सिखाना है।
राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन कब शुरू हुआ था?
भारत में राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन (NDLM) की शुरुआत 2014 में हुई थी। इसका लक्ष्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को डिजिटल कौशल सिखाना और डिजिटल समावेशन बढ़ाना है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :