हैदराबाद । हैदराबाद को 313 राष्ट्रीय कैडेट कोर स्वयंसेवकों (Volunteers) का प्रशिक्षित दल मिलेगा, जो आपदा प्रबंधन के पहले रेस्पॉन्डर्स के रूप में कार्य करेंगे। यह प्रशिक्षण पहला युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण (Youth Disaster Management) शिविर 68 मीडियम रेजिमेंट, बोवेनपल्ली में सफलतापूर्वक आयोजित होने के बाद दिया गया।
शिविर में आपदा तैयारी और प्रतिक्रिया पर विशेष जोर दिया
यह शिविर 1 तेलंगाना बटालियन एनसीसी और राजस्व (आपदा प्रबंधन) विभाग, तेलंगाना सरकार द्वारा आयोजित किया गया। शिविर में आपदा तैयारी और प्रतिक्रिया पर विशेष जोर दिया गया, क्योंकि राज्य भूकंप और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील है। प्रशिक्षित कुल कैडेट्स में 151 लड़की कैडेट्स शामिल हैं, जो सामुदायिक आपदा प्रतिक्रिया पहलों में महिला भागीदारी को उजागर करता है। शिविर का मुख्य घटक युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण मॉड्यूल था, जिसे राजस्व (आपदा प्रबंधन) विभाग, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ ) और अन्य संबंधित विभागों ने संचालित किया। सैद्धांतिक निर्देश और व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य विभागों के विशेषज्ञों ने कैडेट्स को आपदा तैयारी, प्राथमिक खोज और बचाव कार्य, प्राथमिक चिकित्सा, घायल व्यक्ति को सुरक्षित निकालने, और आपातकाल में नागरिक अधिकारियों के साथ समन्वय के लिए प्रशिक्षित किया।

आपदा के प्रभाव कम करने में सहायता करने में सक्षम बनाएगा
प्रशिक्षण में विशेष ध्यान तेलंगाना की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों से संबंधित क्षेत्र-विशिष्ट आपदा परिदृश्यों पर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह का लक्षित प्रशिक्षण कैडेट्स को आपात स्थितियों में प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने और स्थानीय प्रशासन को आपदा के प्रभाव कम करने में सहायता करने में सक्षम बनाएगा। शिविर का समापन एनसीसी अधिकारियों और संसाधन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में औपचारिक समारोह के साथ हुआ।
आपातकालीन परिस्थितियों में स्थानीय समुदायों की मदद करेंगे
कैडेट्स को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने आपदा जोखिम कम करने और सामुदायिक लचीलापन बढ़ाने में प्रशिक्षित युवाओं के महत्व पर जोर दिया, विशेष रूप से एक आपदा-प्रवण राज्य जैसे तेलंगाना में। युवा आपदा प्रशिक्षण शिविर की सफलता के साथ, प्रशिक्षित कैडेट्स अब पहले रेस्पॉन्डर्स के रूप में कार्य करने के लिए तैयार हैं। वे आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिक प्रशासन और स्थानीय समुदायों की मदद करेंगे, और एनसीसी की राष्ट्र निर्माण एवं मानवतावादी सेवा में भूमिका को पुनः पुष्ट करेंगे।
राष्ट्रीय कैडेट कोर का अर्थ क्या है?
भारत सरकार का एक युवा संगठन है, जो स्कूल और कॉलेज के छात्रों को अनुशासन, नेतृत्व, देशभक्ति और सेवा भावना का प्रशिक्षण देता है। इसका उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाना और आवश्यकता पड़ने पर देश की सेवा के लिए तैयार करना है।
एनसीसी का इतिहास क्या है?
राष्ट्रीय कैडेट कोर (National Cadet Corps – NCC) भारत सरकार का एक युवा संगठन है, जो स्कूल और कॉलेज के छात्रों को अनुशासन, नेतृत्व, देशभक्ति और सेवा भावना का प्रशिक्षण देता है। इसका उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाना और आवश्यकता पड़ने पर देश की सेवा के लिए तैयार करना है।
इसकी स्थापना 16 जुलाई 1948 को हुई थी।
- इसकी नींव राष्ट्रीय कैडेट कोर अधिनियम, 1948 के तहत रखी गई।
- एनसीसी से पहले 1920 में यूनिवर्सिटी कोर और बाद में यूनिवर्सिटी ट्रेनिंग कोर (UTC) अस्तित्व में था।
- द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भारत को एक संगठित युवा बल की आवश्यकता महसूस हुई, जिसके परिणामस्वरूप NCC का गठन हुआ।
- प्रारंभ में यह केवल लड़कों के लिए था, लेकिन 1949 में लड़कियों को भी NCC में शामिल किया गया।
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