हैदराबाद। तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा (Damodar Rajanarasimha) ने कहा कि चाहे राज्य अलग हों, हम सभी भारतीय नागरिकों के रूप में एक हैं और आपसी सहयोग से मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि अलग-अलग संस्कृतियाँ (Cultures), परंपराएँ और भाषाएँ भारत की ताकत हैं, और इसी विविधता में एकता बनाए रखते हुए देश को विकसित करने में ऐसे सम्मेलन मददगार साबित होते हैं।
स्वास्थ्य के मामले में सभी राज्यों की अपेक्षाएँ समान : राजनरसिम्हा
स्वास्थ्य मंत्री ने तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा का धन्यवाद किया, जो उत्तर-पूर्वी राज्यों के साथ तेलंगाना के संबंधों को और मजबूत बनाने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी राज्य हो, या किसी भी क्षेत्र में रहने वाले लोग, स्वास्थ्य के मामले में उनकी अपेक्षाएँ समान होती हैं। लोग चाहते हैं कि बीमारी या आपात स्थिति आने पर उन्हें तुरंत और बेहतर चिकित्सा सेवा मिले और उपचार का खर्च उनकी पहुंच में हो। सरकार के रूप में यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम लोगों को आवश्यक चीजें दें और उनकी उम्मीदों के अनुसार काम करें।
सरकार का उद्देश्य लोगों को मुफ्त और बेहतर चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करना : मंत्री
मंत्री ने कहा कि तेलंगाना सरकार का उद्देश्य लोगों को मुफ्त और बेहतर चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करना है। क्षेत्रीय स्तर पर सब-सेंटर्स, आयुष्मान स्वास्थ्य मंदिर, प्राथमिक और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बस्ती अस्पतालों के माध्यम से निवारक और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। द्वितीयक स्तर पर(184) कम्युनिटी हेल्थ सेंटर और एरिया हॉस्पिटल में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएँ दी जा रही हैं। तीसरे स्तर पर, गांधी, उस्मानिया जैसे 48 टीचिंग हॉस्पिटल्स के माध्यम से टर्शियरी केयर सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित मल्टी सुपर स्पेशालिटी चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने के लिए उस्मानिया में नया अस्पताल, हैदराबाद में 3 टीआईएमएस हॉस्पिटल्स और वारंगल हेल्थ सिटी का निर्माण किया जा रहा है। 32 डायग्नोस्टिक सेंटर्स के माध्यम से सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को मुफ्त और गुणवत्ता युक्त डायग्नोस्टिक सेवाएँ दी जा रही हैं।
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