हैदराबाद। वन, पर्यावरण एवं धर्मस्व मंत्री (Minister) कोंडा सुरेखा ने सभी से प्रकृति संरक्षण की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया है। मंत्री सुरेखा ने शनिवार को हैदराबाद स्थित तेलंगाना सचिवालय (Secretariat) में वनों की विशेषताओं पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया। वन विभाग के प्रमुख सचिव अहमद नदीम, पीसीसीएफ डॉ. सुवर्णा, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अतिरिक्त पीसीसीएफ सुनीता भागवत, सामाजिक वन अधिकारी रामलिंगम, मुख्य वन संरक्षक प्रियंका वर्गीस, सीसीएफ भीमनायक और अन्य ने विमोचन कार्यक्रम में भाग लिया।
रिकॉर्ड तापमान दर्ज किए जा रहे हैं देश में : कोंडा सुरेखा
पुस्तक विमोचन के बाद, मंत्री सुरेखा ने कहा कि सभी को राज्य में प्रकृति संरक्षण व वनों की रक्षा के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि राज्य और देश में पहले कभी नहीं देखे गए रिकॉर्ड तापमान दर्ज किए जा रहे हैं और इससे लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कृष्ण राव ने कहा कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए कुछ करने और एक किताब लिखकर अपने आसपास के लोगों में जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता महसूस हुई। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह किताब पेड़ लगाकर ग्लोबल वार्मिंग को कम करने के इरादे से लिखी है।
ग्रामीण इलाकों के लोगों को हरे-भरे जंगल ही खुशहाल बना सकते है
उन्होंने कहा कि हरे-भरे जंगल ही शहरों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को हमेशा हरा-भरा और खुशहाल बना सकते हैं। मंत्री सुरेखा ने कृष्ण राव को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी। इस अवसर पर, पुस्तक के लेखक चेकुरी कृष्ण राव ने कनाडा से ऑनलाइन पुस्तक विमोचन में भाग लिया। लेखक ने बताया कि इस पुस्तक के लेखन में पीसीसीएफ डॉ. सुवर्णा का भी योगदान था। उन्होंने याद किया कि पुस्तक छपने तक उन्होंने उन्हें कई तरह की मदद प्रदान की थी। इस अवसर पर बोलते हुए, उन्होंने टिप्पणी की कि वे संयुक्त राज्य अमेरिका में वन विभाग में भी नियुक्त हुए थे और कई वर्षों तक सेवा की थी।
कनाडा सरकार में सेवारत है लेखक कृष्ण राव
उन्होंने बताया कि वे वर्तमान में कनाडा सरकार में सेवारत हैं। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक में मुख्य रूप से जलवायु चुनौतियों – हरित तरीकों पर चर्चा की गई है। क्या आप जानते हैं कि भविष्य में पृथ्वी कितनी गर्म होगी? उन्होंने कहा कि उन्होंने इस पुस्तक में जलवायु न्याय, प्राकृतिक संसाधनों की कमी के कारण, जैव विविधता संरक्षण, प्रकृति-आधारित समाधान, नवीनतम तकनीकी रुझान, सोशल मीडिया पर प्रकृति की कहानियों और अन्य विषयों पर विस्तृत जानकारी दी है। इस दौरान, मंत्री सुरेखा ने लेखक कृष्ण राव और पीसीसीएफ डॉ. सुवर्णा के प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की।
प्रकृति संरक्षण क्या है?
nature conservation का मतलब है पेड़-पौधों, जंगलों, जल, मिट्टी, वन्यजीवों और पूरे पर्यावरण को सुरक्षित रखना, ताकि धरती का संतुलन बना रहे और आने वाली पीढ़ियाँ भी स्वस्थ जीवन जी सकें।
Nature conservation कैसे करें?
प्रकृति को सुरक्षित रखने के कुछ आसान और प्रभावी तरीके—
- अधिक से अधिक पेड़ लगाएँ (Plant trees)
- पानी की बचत करें (Save water)
- प्लास्टिक का कम उपयोग करें (Reduce plastic)
- ऊर्जा की बचत करें (Save electricity)
- कचरे को अलग-अलग करके निपटाएँ (Segregate waste)
- जंगलों और वन्यजीवों को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियों से बचें
- प्रदूषण कम करें—साइकिल, कार-पूल, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें
- प्रकृति के प्रति जागरूकता फैलाएँ
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