हैदराबाद । हैदराबाद (Hyderabad) में क्रिसमस का पर्व गुरुवार को पूरे हर्षोल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। शहर के प्रमुख गिरजाघरों सिकंदराबाद स्थित सेंट मैरी बेसिलिका (St. Mary’s Basilica)और ऑल सेंट्स चर्च को आकर्षक रोशनी से सजाया गया, जिससे पूरा शहर उत्सवमय माहौल में डूबा रहा।
नारायणगुड़ा के बैपटिस्ट चर्च में विशेष प्रार्थनाएं
नारायणगुड़ा स्थित बैपटिस्ट चर्च में विशेष प्रार्थनाएं और कार्यक्रम आयोजित किए गए। चर्च परिसर में प्रभु यीशु के जन्म से संबंधित झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। इस अवसर पर चर्च फादर ने प्रभु यीशु के जीवन और उनके संदेशों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में हिमायत नगर की स्थानीय पार्षद महालक्ष्मी रमण गौड़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने चर्च पादरी डॉ. सैमुअल के साथ मिलकर नववर्ष कैलेंडर का विमोचन किया।
के. कविता अबिड्स स्थित सेंटेनरी मेथोडिस्ट चर्च पहुंची
तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने अबिड्स स्थित सेंटेनरी मेथोडिस्ट चर्च में आयोजित क्रिसमस समारोह में भाग लेकर विशेष प्रार्थनाएं कीं। उन्होंने कहा कि करुणा, प्रेम, क्षमा, धैर्य, उदारता और त्याग ये सभी संदेश प्रभु यीशु ने मानवता को दिए हैं। इधर, तेलंगाना के मेदक स्थित विश्व प्रसिद्ध कैथेड्रल चर्च में भी क्रिसमस बड़े पैमाने पर मनाया गया। मध्यरात्रि से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। चर्च प्रभारी बिशप राइट रेवरेन्ड रूबेन मार्क ने प्रथम प्रार्थना सभा में प्रवचन देते हुए सभी को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं।
क्रिसमस क्यों मनाया जाता है?
ईसाई धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है। यह यीशु मसीह के जन्म की याद में मनाया जाता है। यीशु मसीह को प्रेम, शांति, करुणा और मानवता का संदेश देने वाला माना जाता है, इसलिए यह दिन खुशी और सेवा भाव के साथ मनाया जाता है।
25 दिसंबर को बड़ा दिन क्यों कहते हैं?
भारत में क्रिसमस को आम तौर पर “बड़ा दिन” कहा जाता है क्योंकि यह ईसाइयों का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। इस दिन विशेष प्रार्थनाएँ, चर्च में कार्यक्रम और सामूहिक उत्सव होते हैं।
क्रिसमस का असली नाम क्या है?
क्रिसमस का असली नाम “क्राइस्ट मास (Christ’s Mass)” है।
इसका अर्थ है — यीशु मसीह के सम्मान में की जाने वाली विशेष प्रार्थना सभा।
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