हैदराबाद । शहरी स्वच्छता (Sanitation) स्तर को बेहतर बनाने और लंबे समय से जमा कचरे को हटाने के उद्देश्य से ग्रेटर हैदराबाद (Greater Hyderabad) म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (जीएचएमसी) अपने अब तक के सबसे बड़े स्वच्छता अभियान शुरू हो गया । सोमवार, 29 दिसंबर से शुरू यह विशेष अभियान 31 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन 300 वार्डों में चलाया जाएगा।
फुट ओवरब्रिज की सफाई से शुरुआत हुई
जीएचएमसी आयुक्त आर. वी. कर्णन के निर्देश पर शुरू किए जा रहे इस अभियान को वार्डों के हालिया परिसीमन के बाद पहला बड़ा स्वच्छता प्रयास माना जा रहा है। इसका उद्देश्य पुराने कचरे को हटाना और स्वच्छता में जनभागीदारी बढ़ाना है। हाल ही में जारी परिपत्र के अनुसार, इस अभियान के तहत विभिन्न प्रकार की शहरी कचरा समस्याओं से निपटने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है। सोमवार को फुट ओवरब्रिज की सफाई से शुरुआत हुई , इसके बाद फ्लाईओवर, सड़कों के किनारे, डिवाइडर, सेंट्रल मीडियन और कर्ब की सफाई की गई।
ट्रांसफार्मरों और बिजली के खंभों के पास जमा कचरे की सफाई की जाएगी
अगले चरणों में झीलों और नालों, फुटपाथों और पार्कों, निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) कचरे, ट्रांसफार्मरों और बिजली के खंभों के पास जमा कचरे की सफाई की जाएगी। इस अभियान की प्रमुख विशेषताओं में गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स (जीवीपी) का उन्मूलन, हरित कचरे की निकासी और पुराने कचरे को हटाना शामिल है। जीवीपी को दीवार चित्रकारी, रंगोली और पौधारोपण के माध्यम से आकर्षक सेल्फी प्वाइंट में बदलने पर विशेष जोर दिया जाएगा। जनसहभागिता इस पहल का मुख्य आधार है। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए नागरिकों की भागीदारी से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इनमें बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के साथ शपथ कार्यक्रम, ई-कचरा संग्रह और गेटेड कम्युनिटीज़ व आवासीय कॉलोनियों में पुन: उपयोग योग्य वस्तुओं के संग्रह अभियान शामिल हैं।
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