मुख्यमंत्री ने फेलोज़ इंडिया कॉन्फ्रेंस को किया संबोधन
हैदराबाद। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Chief Minister Revanth Reddy) ने कहा कि उन्हें यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि फेलोज़ इंडिया कॉन्फ्रेंस का आयोजन हैदराबाद में किया जा रहा है। उन्होंने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि देशभर के साथ-साथ पड़ोसी दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से 500 से अधिक हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist) इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में शामिल सभी डॉक्टर अपने-अपने क्षेत्र में सफल हैं, इसके बावजूद ज्ञान को अद्यतन करने और कौशल बढ़ाने के लिए एकत्रित होना उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि निरंतर सीखते रहना ही सफलता का सबसे बड़ा रहस्य है। जिस दिन इंसान सीखना बंद कर देता है, उसी दिन उसका विकास रुक जाता है।
प्रतिष्ठित आयोजन का हैदराबाद में होना राज्य के लिए गर्व की बात
उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रतिष्ठित आयोजन का हैदराबाद में होना राज्य के लिए गर्व की बात है। हैदराबाद तेजी से जीवन विज्ञान, फार्मा और स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्टता और नवाचार का केंद्र बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर बनना आसान नहीं है और समाज में डॉक्टरों का स्थान विशेष है, क्योंकि लोग अपना जीवन उनकी देखभाल में सौंपते हैं। उन्होंने चिकित्सकों से समाज और मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी कभी न भूलने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और जनहित में नीतियों को बेहतर बनाने के लिए सरकार डॉक्टरों के साथ मिलकर काम करने को हमेशा तैयार है। उन्होंने चिकित्सकों से सुझाव और फीडबैक देने की अपील की।
तेजी से दुनिया को बदल रहे ज्ञान और तकनीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान और तकनीक तेजी से दुनिया को बदल रहे हैं। क्वांटम कंप्यूटिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में स्वास्थ्य सेवा अत्याधुनिक बन चुकी है। उन्होंने डॉक्टरों से नवीनतम तकनीक से जुड़े रहने का आह्वान किया, साथ ही मानवीय संवेदनशीलता बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने चिंता जताई कि हृदय रोगों के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है और सभी से मिलकर हृदय रोगों की रोकथाम को एक मिशन के रूप में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि डॉक्टर स्कूल के छात्रों को सीपीआर तकनीक सिखाने के लिए स्वेच्छा से आगे आएं, तो देश में कई जानें बचाई जा सकती हैं।
हम अक्सर निवारक चिकित्सा की करते हैं उपेक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अक्सर निवारक चिकित्सा की उपेक्षा करते हैं, जबकि लोगों को जागरूक करने से पूरे समाज को लाभ होगा। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने और विश्व स्तर पर सर्वश्रेष्ठ बनने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक डॉक्टर को अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ बनने का प्रयास करना चाहिए।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
राज्य की कुल जनसंख्या में हिंदू समुदाय की हिस्सेदारी लगभग 85 प्रतिशत के आसपास मानी जाती है। जनगणना 2011 के अनुसार तेलंगाना में हिंदुओं की संख्या करीब 3.1 करोड़ से अधिक थी। इसके बाद मुस्लिम और ईसाई समुदाय आते हैं। धार्मिक विविधता के बावजूद राज्य में सामाजिक और सांस्कृतिक सहअस्तित्व देखने को मिलता है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री की जाति क्या है?
वर्तमान मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सामाजिक रूप से रेड्डी समुदाय से संबंधित माने जाते हैं। रेड्डी समुदाय तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में एक प्रमुख कृषक वर्ग के रूप में जाना जाता है। राजनीतिक रूप से भी इस समुदाय की राज्य में लंबे समय से प्रभावी भूमिका रही है।
तेलंगाना में कितने जिले हैं?
वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार तेलंगाना राज्य में कुल 33 जिले हैं। पहले राज्य में जिलों की संख्या कम थी, लेकिन बेहतर प्रशासन और सुशासन के उद्देश्य से नए जिले बनाए गए। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान हुई है।
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