“शरारत” के आरोप में दी जाती थी सजा
- परिजनों का आरोप है कि छात्र को “शैतानी” करने के कारण बार-बार पीटा जाता था।
- बच्चे को सख्त अनुशासन के तहत रखा गया था
- छोटी-छोटी बातों पर शारीरिक दंड दिए जाने की बात सामने आई
एक चौंकाने वाली घटना में गुरुकुल में पढ़ने वाले एक छात्र की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्र को अनुशासन के नाम पर कठोर सजा दी जाती थी।
पीट-पीटकर हत्या का आरोप
- परिवार ने आरोप लगाया है कि अत्यधिक पिटाई के कारण बच्चे की मौत हुई।
- घटना के बाद संस्थान पर गंभीर सवाल खड़े हो गए
- स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है
‘दिव्यांश गुरुकुल की परंपरा के मुताबिक ढल नहीं पा रहा था, दिनभर शैतानी करता था। 3-4 दिनों से उसकी शैतानियां बढ़ गई थीं। मुझे चिढ़ होने लगी थी। तंग आकर मैंने उसे नंगे पांव घंटों धूप में खड़ा रखा। रातभर थप्पड़, चप्पल, लात-घूसों से पिटाई की। कपड़े उतरवाकर पीठ पर डंडे मारे।
उसकी पीठ पर लात मार दी, जिससे वह दूर जाकर गिरा। दीवार से सिर टकरा गया। फिर उसका मुंह दबाया, कई घूसें उसकी पीठ पर जड़ दिए। वह बेसुध हो गया। देखा तो दिव्यांश (Divyansh) मर चुका था। फिर कार से शव कानपुर में महाराजपुर के गौरिया गांव स्थित उसके घर के बाहर छोड़कर भाग आया।’

पुलिस ने आरोपी सौरभ मिश्रा और उसकी गर्लफ्रेंड हर्षिता सोनी को गिरफ्तार कर लिया है।
ये कबूलनामा है लखनऊ के रामानुज भागवत (Ramanuja Bhagavat) वेद विद्या पीठ के संचालक और महंत सौरभ मिश्रा उर्फ कन्हैया का। उसने 21 अप्रैल को 11 साल के बच्चे दिव्यांश की गुरुकुल में पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। आरोपी रिश्ते में बच्चे का मामा लगता है। 15 अप्रैल को ही पिता नरेंद्र कुमार द्विवेदी ने दिव्यांश का गुरुकुल में दाखिला कराया था।
गुरुवार को दिव्यांश के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने पिता की तहरीर पर आरोपी मूल निवासी छतरपुर सौरभ मिश्रा (27) और छतरपुर की ही गर्लफ्रेंड हर्षिता सोनी (23) को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों वर्तमान में लखनऊ के पारा इलाके में किराये पर रहते थे। पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपी महंत ने पुलिस के सामने क्या कबूला, उसकी गर्लफ्रेंड क्यों अरेस्ट हुई?
‘दिव्यांश गुरुकुल में डांस करता, सब बच्चे उसके जैसा हो रहे थे’
पुलिस ने आरोपी मामा और उसकी गर्लफ्रेंड से पूछताछ की। दोनों ने जो बयान दिए, उसे सुन अफसर भी सन्न रह गए। मामा ने पुलिस को बताया- दिव्यांश गुरुकुल के नियमों का पालन नहीं कर रहा था। वह कक्षा में शोर मचाता था। बच्चों से बातें करता था। गाना गाता, डांस करता। उसकी शरारत देख अन्य बच्चे भी कुछ ही दिनों में उसके रंग में रंगने लगे थे। जिसे देख मुझे उससे चिढ़ आने लगी थी। इस वजह से तीन दिनों से दिव्यांश की बेरहमी से पिटाई कर रहा था।
‘मंगलवार रात पिटाई की, सुबह देखा तो मौत हो चुकी थी’
आरोपी मामा ने बताया कि मंगलवार रात करीब 9 बजे सभी बच्चे कमरे में सोने चले गए। मैं दिव्यांश से इतना चिढ़ गया था कि मैंने उसे रात भर पीटने की ठान ली थी। उसे एकांत जगह पर लेकर आने लगा तो वह चिल्लाने लगा, जिस पर मेरा पारा और चढ़ गया। मैंने थप्पड़, लात–घूंसे, डंडा, बेल्ट जो कुछ मिला उससे पिटाई की। रोने पर उसे घसीट कर दीवार पर पटक दिया, जिससे उसके सिर पर चोट लग गई। उस दिन पता नहीं मुझे क्या हो गया था कि पिटाई के दौरान उसकी हालत का ख्याल ही नहीं रहा। मार खाकर वह बेहोश गया। मैं उसे छोड़ कर चला गया। सुबह देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी।
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‘गर्लफ्रेंड ने साथ दिया, तोड़े सीसीटीवी कैमरे’
सौरभ ने बताया- दिव्यांश की मौत की खबर फैलते ही गुरुकुल के सारे बच्चे जमा हो गए। मैंने गुरुकुल के पास ही किराए पर रहने वाली गर्लफ्रेंड हर्षिता सोनी को बुलाया। उसने सभी बच्चों को अपने-अपने घर भेज दिया। परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। मेरे लिए कार बुक की। मैं कार से दिव्यांश की लाश उसके घर के पास फेंक कर फरार हो गया। पुलिस ने डीवीआर खंगाली तो उसमें दिव्यांश के साथ हुई बर्बरता की ऐसी फुटेज मिली, जिससे पुलिस अधिकारी सन्न रह गए।
मेस की फुटेज में दिखा- सब बच्चे खाना खा रहे, दिव्यांश कोने में रो रहा
एडीसीपी अंजली विश्वकर्मा ने बताया कि बीते तीन दिनों की फुटेज चौंकाने वाली थी। फुटेज में सामने आया कि आरोपी सौरभ तीन दिनों से उसकी बेरहमी से पिटाई कर रहा था। सौरभ, दिव्यांश को भरी धूप में हाथ ऊपर करवा कर घंटों तक सजा देता। मेस में सभी बच्चों को खाना दिया जा रहा है, लेकिन दिव्यांश को भूखा रहने की सजा मिली थी। मेस की फुटेज में साफ दिख रहा है कि बच्चे खाना खा रहे, जबकि दिव्यांश कोने में रोता बिलखता दिख रहा है।
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