हैदराबाद। सिरसिल्ला में जिला प्रशासन की एक संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई ने दो दिव्यांगजनों के जीवन में बड़ी राहत पहुंचाई। जिला कलेक्टर (District Collector) गरिमा अग्रवाल ने तत्परता दिखाते हुए दोनों लाभार्थियों को बैटरी चालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई। सुद्दाला गांव (कोंडाराोपेट मंडल) के उप्पुला श्रीनिवास और गुडेम गांव (मुस्ताबाद मंडल) के कोमिरे परशुरामुलु सोमवार को आवश्यक कार्य के सिलसिले में समेकित जिला कार्यालय (District Office) परिसर पहुंचे थे। इस दौरान कलक्टर ने स्वयं उनकी चलने-फिरने में हो रही कठिनाइयों को देखा और उनसे बातचीत की।
जिला कलेक्टर गरिमा अग्रवाल ने लाभार्थियों को ट्राइसाइकिल दिलाई
जानकारी मिलने पर कि दोनों दिव्यांगजन रोजमर्रा की आवाजाही में गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं, कलक्टर ने तुरंत जिला कल्याण अधिकारी लक्ष्मीराजम को निर्देश देकर बैटरी चालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने को कहा। इसके बाद अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों लाभार्थियों को आईडीओसी परिसर में ही बैटरी चालित ट्राइसाइकिल तथा सुरक्षा के लिए हेलमेट प्रदान किए। लाभार्थियों ने जिला कलक्टर की मानवीय पहल और त्वरित सहायता के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इससे उनके दैनिक जीवन और गतिशीलता की समस्या काफी हद तक आसान हो जाएगी।
दिव्यांगजन का मतलब क्या होता है?
शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक या संवेदनात्मक चुनौतियों के साथ जीवन जीने वाले लोगों को दिव्यांगजन कहा जाता है। यह शब्द सम्मानजनक रूप में उपयोग किया जाता है और विशेष क्षमताओं वाले व्यक्तियों को दर्शाता है। दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित, चलने-फिरने में कठिनाई वाले और मानसिक चुनौतियों वाले लोग इसमें शामिल हो सकते हैं। सरकार और समाज इनके लिए शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। समान अवसर और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना इसका मुख्य उद्देश्य माना जाता है।
50% विकलांग को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
सरकारी नियमों के अनुसार 50 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले लोगों को कई प्रकार की सुविधाएं दी जाती हैं। इनमें पेंशन, छात्रवृत्ति, सरकारी नौकरी में आरक्षण, यात्रा छूट और सहायक उपकरण शामिल हो सकते हैं। कुछ राज्यों में मुफ्त या रियायती चिकित्सा सुविधा और विशेष शिक्षा सहायता भी दी जाती है। बैंक ऋण, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार योजनाओं में भी प्राथमिकता मिल सकती है। सुविधाएं राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
यूपी में दिव्यांग पेंशन कितनी बढ़ाई गई है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत सहायता राशि में समय-समय पर बढ़ोतरी की है। वर्तमान में पात्र लाभार्थियों को लगभग 1,000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जा रही है। पहले यह राशि कम थी, जिसे बाद में बढ़ाया गया। योजना का उद्देश्य दिव्यांग लोगों को आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। पेंशन सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है और इसके लिए निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं।
दिव्यांग की श्रेणी में कौन-कौन से लोग आते हैं?
शारीरिक, मानसिक और संवेदी चुनौतियों वाले कई प्रकार के लोग इस श्रेणी में शामिल किए जाते हैं। इनमें दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित, बोलने में कठिनाई वाले, चलने-फिरने में असमर्थ, मानसिक रूप से विशेष जरूरत वाले और ऑटिज्म से प्रभावित व्यक्ति शामिल हो सकते हैं। सरकार ने विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं को कानूनी रूप से मान्यता दी है। चिकित्सा प्रमाण पत्र के आधार पर व्यक्ति की दिव्यांगता का प्रतिशत तय किया जाता है। इसके अनुसार उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिया जाता है।
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