विशेष अभियान में दर्ज किए कई मामले
हैदराबाद। साइबराबाद पुलिस महिला एवं बाल सुरक्षा विंग (Cyberabad Police Women and Child Safety Wing) ने 27 दिसंबर, 2025 से 2 जनवरी, 2026 तक आयोजित सप्ताहभर के विशेष अभियान के दौरान महत्वपूर्ण प्रवर्तन और जागरूकता गतिविधियों की जानकारी दी। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस के. श्रीजना के अनुसार के अनुसार मानव तस्करी विरोधी इकाई (AHTU) ने इस अवधि में रात्रि छापेमारी की, जिसमें तीन पीड़ितों को बचाया गया और तीन मामलों में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो अश्लीलता ट्रैफिक (रोकथाम) अधिनियम (पीआईटीए) के तहत दर्ज थे। छापेमारी के दौरान छह ट्रांसजेंडर भी पकड़े गए।
साइबराबाद शी टीमों ने किए 147 मूक संचालन
इसी दौरान साइबराबाद शी टीमों ने 147 मूक संचालन किए, जिसमें 45 लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील कृत्यों के दौरान रंगे हाथ पकड़ा गया। 52 मामलों में मामूली दर्ज़ की गई और शेष अपराधियों को समझाया गया। उन्होंने कहा कि शी टीमों को विभिन्न शिकायत चैनलों के माध्यम से 26 शिकायतें भी प्राप्त हुईं। परिवार कल्याण पहल के अंतर्गत, पुलिस ने 22 परिवारों को पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए परिवार परामर्श केंद्र और सीडीईडब्लू केंद्रों के माध्यम से पुनर्मिलन कराया। इसके अतिरिक्त, एएचटीयूऔर शी टीमों ने साइबराबाद कमिश्नरेट में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए, जिसमें 3,101 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
तमाम मुद्दों के बारे में दी गई जानकारी
डीसीपी ने बताया कि जागरूकता कार्यक्रमों में मानव और बाल तस्करी, छेड़छाड़, सोशल मीडिया उत्पीड़न, साइबर धमकी, साइबर धोखाधड़ी, बाल विवाह, बाल मजदूरी, पीछा करना, भिक्षाटन और बाल अधिकार जैसे मुद्दों पर जानकारी दी गई। आपातकालीन हेल्पलाइन जैसे महिला हेल्पलाइन 181, बाल हेल्पलाइन 1098, डायल 100 और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 की जानकारी भी साझा की गई।
साइबराबाद का अर्थ क्या है?
साइबराबाद शब्द “साइबर” और “आबाद” से मिलकर बना है, जिसका अर्थ तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी से विकसित क्षेत्र से है। यह नाम हैदराबाद के आईटी और तकनीकी रूप से उन्नत इलाके के लिए प्रयोग किया जाता है। साइबराबाद मुख्य रूप से आईटी कंपनियों, सॉफ्टवेयर पार्क, मल्टीनेशनल दफ्तरों और आधुनिक शहरी ढांचे के लिए जाना जाता है। इसी क्षेत्र की कानून-व्यवस्था संभालने के लिए साइबराबाद पुलिस कमिश्नरी बनाई गई है, जो तेजी से बढ़ते शहरी और डिजिटल अपराधों पर नियंत्रण का कार्य करती है।
उत्तर प्रदेश में कितने साइबर पुलिस स्टेशन हैं?
उत्तर प्रदेश में साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए लगभग 75 साइबर पुलिस स्टेशन कार्यरत हैं। ये पुलिस स्टेशन राज्य के लगभग सभी जिलों में स्थापित किए गए हैं, ताकि ऑनलाइन ठगी, हैकिंग, सोशल मीडिया अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी जैसे मामलों की तुरंत जांच हो सके। राज्य सरकार ने बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए विशेष साइबर थानों की व्यवस्था की है, जहां प्रशिक्षित पुलिसकर्मी और तकनीकी विशेषज्ञ शिकायतों का निपटारा करते हैं और पीड़ितों को सहायता प्रदान करते हैं।
साइबराबाद कमिश्नरी में कितने जोन हैं?
साइबराबाद पुलिस कमिश्नरी को प्रशासनिक सुविधा के लिए कुल 3 जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन के अंतर्गत कई पुलिस जिले, डिवीजन और थाना क्षेत्र आते हैं। यह व्यवस्था कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और त्वरित पुलिस कार्रवाई के लिए की गई है। जोन प्रणाली के कारण पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों पर बेहतर नियंत्रण मिलता है और आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा सकता है।
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