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LAW : एससी उप-वर्गीकरण कानून ऐतिहासिक फैसला – मंत्री अदलुरी

Ajay Kumar Shukla
Ajay Kumar Shukla
LAW : एससी उप-वर्गीकरण कानून ऐतिहासिक फैसला – मंत्री अदलुरी

बचपन में जातीय भेदभाव का सामना किया

हैदराबाद। राज्य के सामाजिक कल्याण एवं आदिवासी कल्याण मंत्री अदलुरी लक्ष्मण कुमार ने कहा कि अनुसूचित जाति (SC) उप-वर्गीकरण कानून सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित होने वाला निर्णय है। शिल्पकला वेदिका में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में मडिगा एम्प्लॉइज कोऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को एससी उप-वर्गीकरण लागू करने के लिए सम्मानित किया।

इस अवसर पर मंत्री लक्ष्मण कुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप लागू किया गया यह ऐतिहासिक कानून सामाजिक न्याय के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज रहेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी देश के पहले ऐसे नेता बन गए हैं जिन्होंने एससी उप-वर्गीकरण को कानूनी रूप देकर लागू किया। उन्होंने कहा कि कई बाधाओं, राजनीतिक दबावों और प्रशासनिक चुनौतियों के बावजूद मुख्यमंत्री (CM) अपने वादे पर अडिग रहे और मदिगा समुदाय की लंबे समय से लंबित मांग को कानून का रूप दिया।

टूरिज्म प्लाजा में एक विशेष कार्यालय भी किया गया स्थापित

मंत्री ने बताया कि सरकार ने कानून के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदम भी उठाए हैं। इसके लिए मंत्री दामोदर राजनरसिंहा की अध्यक्षता में एक मंत्रिस्तरीय उप-समिति का गठन किया गया है, जो इसके कार्यान्वयन की निगरानी करेगी। साथ ही हैदराबाद के टूरिज्म प्लाजा में एक विशेष कार्यालय भी स्थापित किया गया है, ताकि उप-वर्गीकरण व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

लक्ष्मण कुमार ने कहा कि मडिगा समुदाय इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए पीढ़ियों तक मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का आभारी रहेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के सम्मान में जल्द ही लाखों मडिगा समुदाय के लोगों के साथ एक विशाल धन्यवाद रैली भी आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने मुख्यमंत्री से काचीगुड़ा स्थित जर्जर हो चुके छात्रावास के पुनर्निर्माण की मांग करते हुए उसका नाम राष्ट्रीय नेता बाबू जगजीवन राम के नाम पर रखने का आग्रह किया। उन्होंने लोअर टैंक बंड स्थित अंबेडकर भवन की खराब स्थिति पर भी चिंता जताई।

ग्रुप-3 की लगभग 10,000 नौकरियां शामिल

मंत्री ने कहा कि भवन के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती से पहले शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि इसे राष्ट्रीय स्तर के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जहां अध्ययन कक्ष, आवास सुविधाएं और प्रशिक्षण केंद्र उपलब्ध हों। मंत्री ने बताया कि एससी उप-वर्गीकरण कानून लागू होने के बाद 772 मडिगा उम्मीदवार डॉक्टर और इंजीनियर बनने में सफल हुए हैं।

इसके अलावा नई भर्ती प्रणाली के तहत हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं, जिनमें ग्रुप-2 की 16,000 और ग्रुप-3 की लगभग 10,000 नौकरियां शामिल हैं। अपने व्यक्तिगत जीवन का जिक्र करते हुए लक्ष्मण कुमार ने कहा कि उनका जन्म हरिजनवाड़ा में हुआ और बचपन में उन्होंने जातीय भेदभाव का सामना किया। इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी ने उन्हें एससी कॉरपोरेशन चेयरमैन, जिला परिषद अध्यक्ष और बाद में सरकारी व्हिप जैसे पदों पर सेवा करने का अवसर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल कर कैबिनेट रैंक देने का सम्मान भी मुख्यमंत्री ने ही दिया।

SC में कितनी उप जाति है?

भारत में अनुसूचित जाति यानी अनुसूचित जाति के अंतर्गत आने वाली उपजातियों की संख्या पूरे देश में एक जैसी नहीं है। अलग-अलग राज्यों में अलग सूची बनाई गई है। पूरे भारत में सैकड़ों उपजातियां इस श्रेणी में शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश में लगभग 60 से अधिक अनुसूचित जातियां सूचीबद्ध हैं। इन जातियों को शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं में आरक्षण और विशेष सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, ताकि सामाजिक और आर्थिक समानता बढ़ाई जा सके।

एससी जाति में कितनी उप जातियां हैं?

अनुसूचित जाति की उपजातियों की संख्या राज्य के अनुसार अलग-अलग निर्धारित होती है। उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश में लगभग 66 अनुसूचित जातियां सूची में शामिल हैं, जबकि अन्य राज्यों में यह संख्या अलग हो सकती है। यह सूची समय-समय पर सरकार द्वारा अधिसूचित की जाती है। इन उपजातियों को सामाजिक न्याय और समान अवसर देने के लिए शिक्षा, नौकरी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में विशेष आरक्षण की सुविधा प्रदान की जाती है।

BC1 और BC2 क्या है?

कुछ राज्यों में पिछड़े वर्गों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है, जिन्हें सामान्य रूप से बीसी यानी अन्य पिछड़ा वर्ग कहा जाता है। इनमें BC1 और BC2 जैसी श्रेणियां बनाई जाती हैं ताकि आरक्षण का लाभ अधिक जरूरतमंद समूहों तक पहुंच सके। BC1 में अपेक्षाकृत अधिक पिछड़ी जातियां और BC2 में अन्य पिछड़ी जातियां शामिल होती हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े समुदायों को शिक्षा और रोजगार में बेहतर अवसर प्रदान करना है।

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