गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने पर जोर दिया
हैदराबाद। दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष वंदना श्रीवास्तव ने हैदराबाद डिवीजन में विभिन्न कल्याण सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उनके साथ अमित प्रकाश, उपाध्यक्ष, मुख्यालय उपस्थित थीं। निरीक्षण के दौरान आशा वर्मा, अध्यक्ष, हैदराबाद डिवीजन, डी. वाई. सुनिता, उपाध्यक्ष डा. सी.पी. पद्मा, मुख्य चिकित्सक अधीक्षक एवं कोषाध्यक्ष, ऐश्वर्या, सचिव, अनीता, संयुक्त सचिव और अन्य सदस्य उपस्थित थे। वंदना श्रीवास्तव ने सबसे पहले टिनी टॉट्स स्कूल, नॉर्थ लालागुड़ा (Lalaguda) का दौरा किया और नर्सरी, एलकेजी एवं यूकेजी के विद्यार्थियों के साथ बातचीत की। इस दौरान स्कूल प्रभारी अर्चना शर्मा, प्रधानाचार्य डी. श्रीवानी एवं शिक्षकगण उपस्थित थे। इस स्कूल में कुल 186 छात्र पढ़ते हैं।
महिला विश्राम कक्ष का किया निरीक्षण
इसके बाद उन्होंने हैर पोएट्री यूनिसेक्स सैलून एवं लाउंज, नीडल एंड थ्रेड्स सिलाई केंद्र (रेलवे कॉलोनी), अक्षया ज़ेरॉक्स केंद्र (एससीआर केंद्रीय अस्पताल, लालागुड़ा परिसर), वेंकटेश्वर कैंटीन (हैदराबाद भवन, डिविजनल कार्यालय) और अंततः डिविजनल कार्यालय में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए प्रदान की गई महिला विश्राम कक्ष का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वंदना श्रीवास्तव ने सभी कल्याण केंद्रों के संचालन की समीक्षा की और कर्मचारियों एवं लाभार्थियों के साथ बातचीत की।
उन्होंने हैदराबाद डिवीजन द्वारा कल्याण सुविधाओं के रखरखाव में किए गए प्रयासों की सराहना की और रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों के लाभ के लिए गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने हैदराबाद डिवीजन के महिला कल्याण संगठन द्वारा कल्याण गतिविधियों, स्वास्थ्य जागरूकता और रेलवे परिवारों के बीच सामुदायिक सहयोग बढ़ाने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों पर भी चर्चा की। निरीक्षण का समापन सुविधाओं में और सुधार तथा संगठन के तहत कल्याण उपायों को मजबूत बनाने के सुझावों के साथ किया गया।

‘रीट्रीट-2026’ कार्यक्रम में पूर्व डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को दिया मार्गदर्शन
बीते 8 मार्च को पुलिस अकादमी में आयोजित ‘रीट्रीट-2026’ कार्यक्रम में पूर्व पुलिस महानिदेशक एच. जे. दोरा ने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इस अवसर पर राज्य सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री दुद्दिल्ला श्रीधर बाबू, तेलंगाना पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस विभाग में सुधारात्मक कदमों और प्रशिक्षण को सुदृढ़ करना था। एच. जे. दोरा ने अधिकारियों को नक्सल नियंत्रण, कर्मचारियों के कल्याण और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने संबंधी दिशा-निर्देश दिए। मंत्री श्रीधर बाबू और डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने पूर्व डीजीपी के योगदान और मार्गदर्शन की सराहना की तथा कहा कि उनके विचार और नीतियाँ पुलिस विभाग के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेंगी।
महिला कल्याण संगठन क्या है?
महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए काम करने वाली संस्थाओं को महिला कल्याण संगठन कहा जाता है। ऐसे संगठन महिलाओं को कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा, रोजगार प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम प्रदान करते हैं। भारत में कई सरकारी और गैर-सरकारी संगठन इस क्षेत्र में काम करते हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाना और समाज में समान अधिकार सुनिश्चित करना होता है।
भारत का महिला कल्याण कौन है?
भारत में महिलाओं के कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों और नीतियों की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय और मंत्री के पास होती है। वर्तमान में महिला और बाल विकास से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी Annapurna Devi के पास है। वे केंद्र सरकार में महिलाओं और बच्चों के विकास से संबंधित योजनाओं और कार्यक्रमों की देखरेख करती हैं।
महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय कौन सा है?
भारत में महिलाओं और बच्चों से संबंधित योजनाओं और नीतियों को संभालने वाला मंत्रालय Ministry of Women and Child Development है। यह मंत्रालय महिलाओं की सुरक्षा, पोषण, शिक्षा और बच्चों के विकास से जुड़ी कई योजनाएँ चलाता है। इसके माध्यम से आंगनवाड़ी सेवाएँ, पोषण अभियान और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम पूरे देश में लागू किए जाते हैं।
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