हैदराबाद। भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मेदक आयुध निर्माणी में ट्रैक आधारित वहन नियंत्रण वाहन से संबंधित सीलबंद विवरणों के धारण प्राधिकार का औपचारिक हस्तांतरण किया गया। यह नियंत्रण वाहन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अंतर्गत युद्ध वाहन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान द्वारा विकसित (advanced) किया गया है। इसे विस्तारित बीएमपी-2 (BMP-2) ढाँचे पर निर्मित किया गया है, ताकि स्वचालित तोपों के साथ अग्रिम क्षेत्रों में तैनाती की जा सके।

आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि
अब यह प्राधिकार गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय के अंतर्गत नामित प्राधिकरण को सौंपे जाने के बाद मार्च 2026 तक ऐसे 41 उत्पादन वाहनों की आपूर्ति भारतीय थल सेना को किए जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। ये वाहन अग्रिम मोर्चों पर के-9 वज्र स्वचालित तोपों के साथ समन्वय में कार्य करेंगे। मेदक आयुध निर्माणी तथा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित इस वाहन में समेकित उन्नत तोपखाना नियंत्रण प्रणाली स्थापित की गई है, जिससे रेजीमेंट तथा बैटरी स्तर पर पूर्णतः गतिशील नियंत्रण व्यवस्था उपलब्ध होगी। यह हस्तांतरण उन्नत तोपखाना नियंत्रण एवं संचालन प्रणालियों में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
भारतीय तोपखाने का इतिहास क्या है?
भारत में तोपों का उपयोग 14वीं–15वीं शताब्दी में शुरू हुआ, लेकिन 1526 के First Battle of Panipat में Babur ने संगठित तोपखाने का प्रभावी उपयोग किया। मुगल काल में तोपखाना युद्ध की महत्वपूर्ण शक्ति बना। ब्रिटिश शासन के दौरान आधुनिक आर्टिलरी रेजिमेंट विकसित हुई। स्वतंत्रता के बाद Indian Army ने उन्नत तोप प्रणालियाँ शामिल कीं, जिनमें Bofors FH-77B और हाल की स्वदेशी तोपें शामिल हैं।
भारत में सबसे अच्छा तोपखाना कौन सा है?
भारतीय सेना की आधुनिक और प्रभावी तोपों में K9 Vajra-T और Dhanush प्रमुख हैं। के9 वज्र-टी स्वचालित ट्रैक्ड होवित्जर है, जो तेज गति से फायरिंग और कठिन इलाकों में संचालन में सक्षम है। धनुष स्वदेशी रूप से विकसित 155 मिमी तोप है। इन आधुनिक प्रणालियों ने भारतीय तोपखाने की मारक क्षमता और सटीकता को काफी बढ़ाया है।
तोपखाने क्या है?
तोपखाना सेना की वह शाखा है जो भारी हथियारों जैसे तोप, होवित्जर, रॉकेट सिस्टम और मिसाइलों के माध्यम से दूर से दुश्मन पर हमला करती है। इसका मुख्य कार्य युद्ध में पैदल सेना और बख्तरबंद इकाइयों को अग्नि समर्थन देना होता है। यह रणनीतिक रूप से दुश्मन की स्थिति, ठिकानों और सैन्य संसाधनों को नष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
तोपखाना क्या है?
यह सैन्य व्यवस्था का वह भाग है जिसमें बड़ी तोपें और भारी फायरिंग सिस्टम शामिल होते हैं। युद्ध के दौरान तोपखाना लंबी दूरी से गोलाबारी कर दुश्मन की शक्ति को कमजोर करता है। आधुनिक समय में इसमें स्वचालित तोपें, मल्टी-रॉकेट लॉन्चर और उन्नत लक्ष्य-निर्धारण तकनीकें शामिल हैं, जो सटीक और तीव्र हमला करने में सक्षम होती हैं।
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