हैदराबाद। तेलंगाना सरकार के सलाहकार मोहम्मद अली शब्बीर (Mohammed Ali Shabbir) ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा हेट स्पीच पर अंकुश लगाने के लिए सख्त और व्यापक कानून लाने की घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने इसे संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक कदम बताया। एक प्रेस बयान में शब्बीर अली ने कहा कि यह प्रस्तावित कानून अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सार्वजनिक व्यवस्था के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of expression) है, लेकिन अनुच्छेद 19(2) के तहत उस पर युक्तिसंगत प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं।
धार्मिक पहचान के दुरुपयोग और भड़काऊ भाषा पर जताई चिंता
उन्होंने धार्मिक पहचान के दुरुपयोग और भड़काऊ भाषा पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसा भाषण सामाजिक अशांति और हिंसा को जन्म दे सकता है। धार्मिक आस्थाओं का अपमान संविधान के अनुच्छेद 25 से 28 के तहत प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता को कमजोर करता है। शब्बीर अली ने कहा कि यह विधेयक नागरिकों के मौलिक कर्तव्य सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देने को भी सुदृढ़ करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित नहीं, बल्कि एक समकालीन चुनौती का समाधान है।
हेट स्पीच का क्या मतलब है?
मतलब किसी व्यक्ति, समूह या समुदाय के खिलाफ नफरत, डर या भेदभाव फैलाने वाला भाषण या अभिव्यक्ति है। यह जाति, धर्म, लिंग, अल्पसंख्यक या किसी सामाजिक पहचान के आधार पर अपमान या हिंसा भड़का सकता है।
हेट स्पीच की परिभाषा क्या है?
वह अभिव्यक्ति है जो किसी समुदाय या व्यक्ति को धमकाने, अपमानित करने या हिंसा के लिए उकसाने का कार्य करती है। इसमें शब्दों, पोस्टर, सोशल मीडिया या सार्वजनिक भाषण के माध्यम से नफरत फैलाना शामिल है।
भाषण के अंत में क्या बोलना चाहिए?
आभार व्यक्त करना, श्रोताओं का धन्यवाद देना और सकारात्मक संदेश या निष्कर्ष देना चाहिए। यह दर्शकों पर अच्छे प्रभाव और सम्मानजनक समापन बनाने में मदद करता है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :