छत्तीसगढ़ पुलिस ने मारे गए माओवादी नेता और अन्य का कराया अंतिम संस्कार
खम्मम। वामपंथी दलों और नागरिक अधिकार समूहों ने आरोप लगाया है कि शासक मारे गए माओवादी के शवों को देखकर डर गए हैं, यही कारण है कि 21 मई को मुठभेड़ में मारे गए केशव राव सहित आठ माओवादियों के शव उनके परिजनों को नहीं सौंपे गए।
शांति वार्ता समन्वय समिति के सदस्यों ने मीडिया से की बातचीत
शांति वार्ता समन्वय समिति के सदस्य डॉ. एमएफ गोपीनाथ, सीपीआई नेता बागम हेमंत राव, सीपीएम नेता नुन्ना नागेश्वर राव, प्रजा पंथा नेता गोकिनेपल्ली वेंकटेश्वर राव, एनडी नेता लक्ष्मी नारायण, सीसीए प्रभारी काकी भास्कर, आईवी रमण राव, रवि मारुथ और अन्य ने मंगलवार को इस मुद्दे पर मीडिया से बात की।
माओवादी के शव न सौंपकर किया…
दुश्मन देशों के सैनिक युद्ध में मारे जाते हैं तो उनके शव अपने देश को सौंप दिए जाते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवादियों के शव न सौंपकर क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया है और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में दिए गए अपने तर्क का भी सम्मान नहीं किया है। सर्वोच्च न्यायालय को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेना चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहिए।
माओवादी के शवों के सामना नाचना अमानवीय
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों का नशे में धुत होकर उन लोगों के शवों के सामने नाचना अमानवीय है, जिन्होंने दशकों तक लोगों के लिए लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री, छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री और नारायणपुर एसपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जानी चाहिए।
अज्ञात स्थान पर किया गया माओवादी नेता का अंतिम संस्कार
उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार के सदस्यों की बार-बार अपील के बावजूद, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर पुलिस ने सोमवार को केशव राव और अन्य माओवादियों के शवों का अज्ञात स्थान पर अंतिम संस्कार कर दिया। दाह संस्कार समाप्त होने के बाद परिवार के सदस्यों को जिला मुख्यालय छोड़ने के लिए कहा गया। दाह संस्कार की वीडियो क्लिपिंग बाद में सोशल मीडिया पर जारी की गई, जिससे छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना हुई।
न्यायालय में चल रही थी सुनवाई
उन्होंने बताया कि यह घटना तब हुई जब छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता ने पिछले शनिवार को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष दलील दी थी कि पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। यह बात उस समय सामने आई जब न्यायालय केशव राव के परिजनों की ओर से शवों को अपने कब्जे में लेने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था।
माओवादी नेता की मां और भाई ने दायर की अवमानना
इस बीच, पता चला है कि केशव राव की मां भारतम्मा और बड़े भाई दिल्लीश्वर राव की ओर से सिविल लिबर्टीज कमेटी (सीएलसी) ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के अधिकारियों के खिलाफ आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में अवमानना का मामला दायर किया है। सीएलसी नेताओं चिलका चंद्रशेखर, टी अंजनेयुलु और जबाली ने मामला दर्ज कराया (केस नंबर 1410/2025)।
मीडिया से कही यह बात
दिल्लीश्वर राव ने मीडिया से कहा कि पुलिस ने केशव राव के अंतिम संस्कार के बारे में कोई जानकारी नहीं दी और उन्हें अपने भाई को अंतिम बार देखने से भी रोका। उन्होंने कहा कि परिवार केशव राव की अस्थियां भी लाने और उनका अंतिम संस्कार करने की कोशिश करेगा।
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