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Hanuman Jayanti : तिरुमला में हनुमान जयंती धूमधाम से मनाई गई

Author Icon By Ajay Kumar Shukla
Updated: May 13, 2026 • 4:00 PM
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तिरुमला। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर तिरुमला (Tirumala) में मंगलवार शाम को भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम की ओर से प्रथम घाट रोड (डाउन घाट) के 7वें माइल पर स्थित विशाल श्री प्रसन्न अंजनेय स्वामी की प्रतिमा के पास विशेष अनुष्ठान संपन्न किए गए। पूजा-अर्चना के बाद भक्तों को प्रसाद वितरण भी किया गया। इस अवसर पर सी.एच. वेंकय्या चौधरी, लोकनाथम, सुरेंद्र सहित अन्य अधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। इसी तरह तिरुमला के विभिन्न स्थानीय हनुमान मंदिरों (Hanuman Temples) में भी हनुमान जयंती का आयोजन श्रद्धा और भव्यता के साथ किया गया।

असली हनुमान जयंती कब है?

भारत के अलग-अलग राज्यों और परंपराओं के अनुसार यह पर्व विभिन्न तिथियों पर मनाया जाता है। उत्तर भारत में चैत्र पूर्णिमा के दिन इसे अधिक मान्यता दी जाती है, जबकि दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में अलग तिथियों पर उत्सव मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन Hanuman के जन्म का उत्सव मनाया जाता है। मंदिरों में पूजा, सुंदरकांड पाठ और भंडारे आयोजित किए जाते हैं। भक्त इस दिन उपवास रखकर शक्ति, साहस और भक्ति की कामना करते हैं।

1 साल में दो बार जन्मदिन किसका आता है?

कुछ धार्मिक व्यक्तित्वों और देवी-देवताओं की जयंती अलग-अलग पंचांग और क्षेत्रीय मान्यताओं के कारण वर्ष में दो बार मनाई जाती है। कई बार एक तिथि चंद्र कैलेंडर और दूसरी सौर कैलेंडर के अनुसार होती है। इसी कारण कुछ पर्व अलग-अलग राज्यों में भिन्न दिनों पर दिखाई देते हैं। धार्मिक परंपराओं और स्थानीय मान्यताओं के आधार पर उत्सव की तिथि तय की जाती है। भारतीय संस्कृति में कई त्योहारों की तिथियां पंचांग के अनुसार बदलती रहती हैं, इसलिए एक ही उत्सव अलग समय पर मनाया जाना सामान्य माना जाता है।

2 हनुमान जयंती क्यों है?

देश के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग धार्मिक परंपराएं और पंचांग प्रचलित हैं, इसलिए यह पर्व अलग तिथियों पर मनाया जाता है। उत्तर भारत में चैत्र पूर्णिमा को अधिक महत्व दिया जाता है, जबकि दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में मार्गशीर्ष या अन्य महीनों में उत्सव आयोजित होता है। मान्यताओं और स्थानीय परंपराओं के कारण दो अलग तिथियां प्रचलित हो गई हैं। दोनों अवसरों पर भक्त पूजा, भजन और सुंदरकांड का पाठ करते हैं। धार्मिक विविधता और क्षेत्रीय परंपराएं भारतीय संस्कृति की विशेष पहचान मानी जाती हैं।

हनुमान जयंती का क्या अर्थ है?

यह पर्व Hanuman के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्म में उन्हें शक्ति, भक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भक्त मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं और हनुमान चालीसा तथा सुंदरकांड का पाठ करते हैं। कई लोग उपवास रखकर धार्मिक अनुष्ठान भी करते हैं। माना जाता है कि उनकी पूजा से भय और नकारात्मकता दूर होती है। भारतीय धार्मिक परंपराओं में यह पर्व विशेष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

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