हैदराबाद। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के वरिष्ठ नेता चाडा वेंकट रेड्डी ने तेलंगाना में बीआरएस (BRS) और भाजपा (BJP) कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते विवाद, अभद्र टिप्पणियों और हिंसक घटनाओं की व्यापक जांच कराने की मांग की है। हैदराबाद में जारी एक बयान में चाडा वेंकट रेड्डी ने कहा कि राज्य का राजनीतिक माहौल लगातार टकराव और आरोप-प्रत्यारोप के कारण “प्रदूषित” होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि विवाद की शुरुआत वारंगल में आयोजित किसानों की बैठक के दौरान के.टी. रामाराव द्वारा कांग्रेस की आलोचना करने से हुई, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने पलटवार किया।
बीआरएस विधायक पड़ी कौशिक रेड्डी की आलोचना
बाद में केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार ने केटीआर और बीआरएस विधायक पड़ी कौशिक रेड्डी की आलोचना की, जिसके जवाब में कौशिक रेड्डी द्वारा कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। चाडा वेंकट रेड्डी ने करीमनगर विधायक गंगुला कमलाकर के कार्यालय के पास पड़ी कौशिक रेड्डी की कार में की गई तोड़फोड़ की घटना की निंदा करते हुए इसे अनुचित बताया। उन्होंने राजनीतिक नेताओं द्वारा अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई और कहा कि इस तरह का आचरण राजनीतिक मूल्यों के पूरी तरह पतन को दर्शाता है। सीपीआई नेता ने कहा कि राज्य में राजनीतिक तनाव इस स्तर तक बढ़ गया है कि ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो चुनाव निकट हों। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की।
CPI का पूरा नाम क्या है?
CPI का पूरा नाम Consumer Price Index होता है, जिसे हिंदी में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक कहा जाता है। यह एक आर्थिक सूचकांक है जो वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में होने वाले बदलाव को मापता है। इसके जरिए महंगाई (inflation) का स्तर समझा जाता है। सरकार और रिज़र्व बैंक नीतियां बनाने में इसका उपयोग करते हैं। यह सूचकांक यह बताता है कि आम जनता के जीवन-यापन की लागत समय के साथ कितनी बदल रही है।
सीपीआई का मतलब क्या होता है?
CPI का मतलब उपभोक्ता मूल्य सूचकांक होता है, जो बाजार में रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों के बदलाव को दर्शाता है। इसमें खाद्य पदार्थ, कपड़े, ईंधन और अन्य जरूरी चीजों की कीमतों को शामिल किया जाता है। यह महंगाई की दर को मापने का प्रमुख आधार माना जाता है। जब CPI बढ़ता है तो महंगाई बढ़ती है और जब यह घटता है तो कीमतों में राहत मानी जाती है। यह आर्थिक स्थिति को समझने का महत्वपूर्ण पैमाना है।
वर्तमान में CPI का आधार वर्ष क्या है?
भारत में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) का वर्तमान आधार वर्ष 2012 है, जिसे 2012=100 के रूप में लिया जाता है। इसी आधार पर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बदलाव की गणना की जाती है। यह आधार वर्ष समय-समय पर सरकार द्वारा अपडेट किया जाता है ताकि महंगाई का सही आकलन हो सके। आधार वर्ष स्थिर रखकर तुलना करना आसान होता है और आर्थिक नीतियों को बनाने में मदद मिलती है।
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