भाजपा ने मनाया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तेलंगाना इकाई ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में भाजपा तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। दिल्ली की सांसद बंसुरी स्वराज मुख्य अतिथि रहीं, जबकि महबूबनगर की सांसद डी.के. अरुणा भी कार्यक्रम में मौजूद थीं। इस अवसर पर रामचंद्र राव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की महिलाओं को सम्मान और नए अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति’ केवल भाजपा का नारा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण से जुड़ा एक राष्ट्रीय मिशन है। उन्होंने कहा कि पहले देश में कन्या जन्म को लेकर नकारात्मक सोच थी और कई स्थानों पर भ्रूण हत्या जैसी अमानवीय घटनाएं भी होती थीं। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा शुरू की गई ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना ने समाज में बड़ा परिवर्तन लाया है।
योजना के तहत करोड़ों परिवारों को एलपीजी कनेक्शन
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों परिवारों को एलपीजी कनेक्शन मिला है, जिससे महिलाओं के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और रसोई में धुएं की समस्या कम हुई है। रामचंद्र राव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें कई घर महिलाओं के नाम पर दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं बस चला रही हैं, व्यवसाय चला रही हैं और विभिन्न संगठनों का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि द्रौपदी मुर्मू के रूप में देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति मिली हैं।उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता साफ हुआ है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान कब शुरू हुआ था?
भारत सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत 22 जनवरी 2015 को की थी। इस अभियान का उद्देश्य बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना, उनके प्रति समाज की सोच में सुधार लाना और लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसकी शुरुआत पानीपत, हरियाणा से की गई थी। यह पहल घटते लिंगानुपात को सुधारने और बालिकाओं को समान अवसर देने के लिए देशभर में जागरूकता अभियान के रूप में चलायी गई।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ में कितना पैसा मिलता है?
योजना मुख्य रूप से जागरूकता और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का अभियान है। इस योजना के तहत सीधे तौर पर किसी परिवार या बेटी को नकद राशि नहीं दी जाती। इसका उद्देश्य लोगों को बेटियों के महत्व के बारे में जागरूक करना और शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। हालांकि कई लोग इसे सुकन्या समृद्धि योजना जैसी बचत योजनाओं से जोड़कर देखते हैं, जिनमें बेटियों के भविष्य के लिए निवेश की सुविधा मिलती है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नया नाम क्या है?
सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का नाम आधिकारिक रूप से नहीं बदला है। यह योजना आज भी इसी नाम से पूरे देश में चल रही है। समय-समय पर इसमें नए कार्यक्रम और जागरूकता अभियान जोड़े जाते हैं, लेकिन योजना का मूल नाम वही बना हुआ है। इसका मुख्य लक्ष्य बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान को बढ़ावा देना तथा समाज में लैंगिक समानता स्थापित करना है।
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