बच्चों और महिलाओं के संरक्षण पर जताया संतोष
हैदराबाद। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (SCPCR) की अध्यक्ष और सदस्यगण ने हैदराबाद के भरोसा सेंटर का दौरा किया और सेंटर में बच्चों और महिलाओं के लिए उपलब्ध सेवाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर एससीपीसीआर के अधिकारियों ने भरोसा सेंटर (Trust Center) के कर्मचारियों से बातचीत की और सेंटर के उद्देश्य, लक्ष्यों और एकीकृत सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। भरोसा सेंटर यौन अपराधों के पीड़ितों के लिए एक वन-स्टॉप सहायता केंद्र के रूप में कार्य करता है। टीम ने चाइल्ड-फ्रेंडली कोर्ट का भी निरीक्षण किया और बच्चों के प्रति अपनाई जा रही प्रक्रियाओं की समीक्षा की।

चुनौतियां, सर्वोत्तम प्रथाएं और उपलब्धियों की दी जानकारी
इस अवसर पर महिला सुरक्षा विंग (डब्ल्यूएसडब्ल्यू) के एसीपी ने पावरपॉइंट प्रस्तुति में भरोसा सेंटर में देखे जाने वाले मामलों के प्रकार, चुनौतियां, सर्वोत्तम प्रथाएं और उपलब्धियों की जानकारी दी। जानकारी दी गई कि वर्ष 2025 में हैदराबाद शहर में पॉक्सो मामलों में 38 सजाएँ दिलाई गईं, जो अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक में से एक है। एससीपीसीआर की अध्यक्ष ने भरोसा सेंटर की प्रभावशाली संरचना, व्यवस्थित संचालन और पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण की सराहना की।

अत्यंत प्रभावशाली, नवोन्मेषी और संतोषजनक है यह पहल
उन्होंने कहा कि यह पहल अत्यंत प्रभावशाली, नवोन्मेषी और संतोषजनक है, क्योंकि यह बच्चों और पीड़ितों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाती है और स्थापित कानूनी और परामर्श प्रक्रियाओं का पालन करती है। अध्यक्ष ने भरोसा सेंटर की अन्य राज्यों में भी सराहना सुनी है और एससीपीसीआर की ओर से हमेशा पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि एससीपीसीआर सालाना आधार पर भरोसा सेंटर की समीक्षा करेगा।

भरोसा सेंटर में रुचि दिखाने के लिए दी बधाई
हैदराबाद महिला सुरक्षा विंग की डीसीपी डॉ. पी. लावण्या नाइक जादव ने एससीपीसीआर अध्यक्ष और सदस्यों को भरोसा सेंटर में रुचि दिखाने के लिए बधाई दी और बाल सुरक्षा को मजबूत करने के विभागीय संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम में एससीपीसीआर अध्यक्ष श्रीमती सीता दयाकर रेड्डी, सदस्य श्रीमती अपर्णा, श्रीमती वंदना, श्रीमती चंदना, श्रीमती सरिता, श्रीमती प्रेमलता अग्रवाल, श्री वचन कुमार और श्री श्रीनिवास, डीसीपीओ, डॉ. पी. लावण्या नाइक जादव, डीसीपी (डब्ल्यूएसडब्ल्यू) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
किसी को भरोसा कैसे दिलाएं?
सबसे पहले ईमानदारी और निरंतरता दिखानी जरूरी होती है। जो वादा करें, उसे निभाएँ और बातों से ज्यादा अपने काम से भरोसा बनाएं। सामने वाले की बात ध्यान से सुनना, उसकी भावनाओं का सम्मान करना और कठिन समय में साथ खड़े रहना भी भरोसा मजबूत करता है। समय के साथ व्यवहार में पारदर्शिता और सच्चाई भरोसे की नींव बनती है।
भरोसा से क्या अभिप्राय है?
अर्थ की दृष्टि से भरोसा किसी व्यक्ति, बात या स्थिति पर विश्वास और यकीन को कहते हैं। यह भावना यह दर्शाती है कि हमें सामने वाले के इरादों और व्यवहार पर संदेह नहीं है। भरोसा रिश्तों, समाज और आत्मविश्वास की बुनियाद होता है, जिसके बिना स्थिर संबंध बन पाना मुश्किल होता है।
खुद पर भरोसा कैसे करें?
धीरे-धीरे खुद पर भरोसा बनाने के लिए अपनी क्षमताओं को पहचानना जरूरी है। छोटे-छोटे लक्ष्य तय करें और उन्हें पूरा करें, इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। गलतियों से सीखना, खुद से सकारात्मक बात करना और दूसरों से बार-बार तुलना न करना भी आत्मविश्वास को मजबूत करता है। नियमित प्रयास और धैर्य से खुद पर भरोसा विकसित होता है।
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