हैदराबाद। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव (N. Ramchander Rao) ने मीडिया से बात करते हुए आगामी 2026 जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन और एससी/एसटी आरक्षण से जुड़े हालिया विवादों पर स्पष्ट स्थिति व्यक्त की। राव ने कहा कि परिसीमन हर जनगणना के बाद संविधान के तहत होने वाली प्रक्रिया है। कांग्रेस पार्टी द्वारा यह प्रचार कि परिसीमन केवल जनसंख्या के आधार पर होगा, पूरी तरह गलत और भ्रामक है। उन्होंने बताया कि दक्षिणी राज्यों के लिए कोई सीटों की कटौती नहीं होगी। वर्तमान विधानसभा क्षेत्रों के आधार पर सीटों का पुनर्विभाजन प्रपोर्शनल तरीके से किया जाएगा, जिससे सभी क्षेत्रों को न्यायसंगत (Just) प्रतिनिधित्व मिलेगा।
जनसंख्या कम होने के बावजूद विधानसभा सीटें अधिक
राव ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों में जनसंख्या कम होने के बावजूद विधानसभा सीटें अधिक हैं। इसलिए केवल जनसंख्या के आधार पर परिसीमन होता है, यह कहना पूरी तरह गलत है। उन्होंने जनता से कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रांत प्रचार को न मानने और क्षेत्रीय विवादों को बढ़ावा देने वाली राजनीति से दूर रहने की अपील की। इसके अलावा, राव ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का स्वागत किया, जिसमें एससी/एसटी आरक्षण से जुड़े मामले में स्पष्ट किया गया कि धर्म परिवर्तन के बाद एससी/एसटी हक़ समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन लोगों के हकों के दुरुपयोग को रोकने और वास्तविक एससी/एसटी लाभार्थियों को न्याय दिलाने में मदद करेगा। राव ने स्पष्ट किया कि भाजपा इस फैसले का पूर्ण समर्थन करती है और यह सुनिश्चित करेगा कि आरक्षित वर्गों के अधिकारों का सही उपयोग हो।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
जनगणना 2011 के अनुसार तेलंगाना में हिंदू आबादी लगभग 85% के आसपास है। कुल जनसंख्या में यह सबसे बड़ा धार्मिक समूह है। राज्य के विभिन्न जिलों में प्रतिशत थोड़ा अलग हो सकता है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में हिंदू समुदाय बहुसंख्यक है। नई जनगणना के आंकड़े आने पर इसमें कुछ बदलाव संभव है, इसलिए इसे अनुमानित आंकड़ा माना जाता है।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
इसे ऐतिहासिक रूप से “तेलंगाना” के अलावा “त्रिलिंग देश” (Trilinga Desha) भी कहा जाता है। यह नाम तीन प्रमुख शिव मंदिरों—कालेश्वरम, श्रीशैलम और द्राक्षारामम—से जुड़ा माना जाता है। समय के साथ यह नाम बदलकर तेलंगाना हो गया, लेकिन पुराने ग्रंथों और इतिहास में “त्रिलिंग देश” का उल्लेख मिलता है।
तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?
यहां का प्रमुख भोजन चावल आधारित होता है, जिसे दाल, सब्जी और मसालेदार करी के साथ खाया जाता है। तेलंगाना में बिरयानी, खासकर हैदराबादी बिरयानी, काफी प्रसिद्ध है। इसके अलावा ज्वार की रोटी, सांभर, पचड़ी (चटनी) और विभिन्न प्रकार के अचार भी यहां के खाने का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो स्थानीय स्वाद और परंपरा को दर्शाते हैं।
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